bihar board class 10 science notes | धातु एवं अधातु
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धातु एवं अधातु
क्रियाकलाप 3.1
प्रश्न 1. आयरन, कॉपर, ऐलुमिनियम और मैग्नीशियम के नमूने लीजिए। प्रत्येक नमूना
कैसा दिखाई देता है उस पर ध्यान दीजिए।
उत्तर-सभी नमूने हलके चमकदार हैं।
प्रश्न 2. रेगमाल से रगड़कर प्रत्येक नमूने की सतह को साफ करके उसके स्वरूप
पर फिर से ध्यान दीजिए।
उत्तर-अब इन नमूनों की चमक बढ़ गई है।
क्रियाकलाप 3.2
प्रश्न 1. आयरन, कॉपर, ऐलुमिनियम तथा मैग्नीशियम धातुओं को तेज धार वाले
चाकू से काटने का प्रयास करें तथा अपने प्रेक्षणों को दर्ज करें।
उत्तर-ये धातुएँ काटने में बहुत कठोर हैं।
प्रश्न 2. सोडियम को चाकू से काटिए। आपने क्या देखा ?
उत्तर-सोडियम को चाकू की सहायता से आसानी से काटा जा सकता है।
क्रियाकलाप 3.3
प्रश्न-आयरन, जिंक, लेड तथा कॉपर के टुकड़ों पर हथौड़े से प्रहार कीजिए। इन
धातुओं के आकार में हुए परिवर्तन को दर्ज करें।
उत्तर-ये धातुएँ पीटने पर चादर का रूप ले लेती हैं।
क्रियाकलाप 3.4
प्रश्न-आयरन, कॉपर, ऐलुमिनियम, लेड आदि जैसी कुछ धातुओं पर ध्यान दीजिए।
इनमें कौन-सी धातुएँ तार के रूप में भी उपलब्ध हैं ?
उत्तर-आयरन, कॉपर, ऐलुमिनियम।
क्रियाकलाप 3.5
प्रश्न 1. थोड़ी देर बाद आप क्या देखते हैं ?
उत्तर-मोम पिघल जाता है तथा सारे पिन नीचे गिर जाते हैं।
प्रश्न 2. क्या धातु का तार द्रवित होता है ?
उत्तर-नहीं।
क्रियाकलाप 3.6
प्रश्न-क्या बल्ब जलता है ? इससे क्या पता चलता है ?
उत्तर-हाँ, बल्ब जलता है। इससे पता चलता है कि धातुएँ ऊष्मा की चालक होती हैं।
क्रियाकलाप 3.7
प्रश्न-इन अधातुओं से 3.1 से 3.6 तक में क्रियाकलापों को दोहराएँ तथा अपने निरीक्षण
को लिख लें।
उत्तर-सारणी 3.1

क्रियाकलाप 3.8
• मैग्नीशियम की एक पट्टी तथा थोड़ा सल्फर चूर्ण लीजिए।
• मैग्नीशियम की पट्टी का दहन कीजिए। उसकी राख को इकट्ठा करके उसे पानी
में घोल दीजिए।
• लाल तथा नीले लिटमस पेपर से प्राप्त विलयन की जाँच कीजिए।
प्रश्न 1. मैग्नीशियम के दहन से जो उत्पाद मिला है वह अम्लीय है या क्षारकीय?
उत्तर-क्षारकीय
• अब सल्फर के चूर्ण का दहन कीजिए। दहन से उत्पन्न धुएँ को एकत्र करने के लिए
उसके ऊपर एक परखनली रख दीजिए।
• इस परखनली में जल डालकर उसे अच्छी तरह मिला दीजिए।
• नीले तथा लाल लिटमस पेपर से इस विलयन की जाँच कीजिए।
प्रश्न 2. सल्फर के दहन से उत्पन पदार्थ अम्लीय है या क्षारकीय।
उत्तर-अम्लीय।
प्रश्न 3. क्या आप इन अभिक्रियाओं के समीकरण लिख सकते हैं ?
उत्तर- 2Mg +02 → 2Mgo
MgO + H2O → Mg(OH)2
S+O2 →SO2
SO2 + H2O → H2SO4
पाठगत प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1. ऐसी धातु का उदाहरण दीजिए जो
(i) कमरे के ताप पर द्रव होती है।
(i) चाकू से आसानी से काटी जा सकती है।
(i) ऊष्मा की सबसे अच्छी चालक होती है।
(iy) ऊष्मा की कुचालक होती है।
उत्तर-(i) पारा, (ii) सोडियम, (ii) चाँदी (iv) धातुओं में ऐस्टेटिन ऊष्मा की सर्वाधिक
कुचालक है। इसकी कुचालकता कुछ अधातुओं जैसे ग्रेफाइट से भी कम है।
प्रश्न 2. आघातवर्ध्य तथा तन्य का अर्थ बताइए।
उत्तर-आघातवर्ध्य-कुछ धातुओं को पीटकर पतली चादरें बनाई जा सकती हैं। ऐसी
धातुओं को आघातवर्ध्य कहते हैं।
तन्य-धातुओं का वह गुण जिसके कारण उनके तार खींचे जा सकते हैं, तन्यता कहलाती
हैं। ऐसी धातु को तन्य कहते हैं।
क्रियाकलाप 3.9
सावधानी : निम्न क्रियाकलाप में शिक्षक का सहयोग आवश्यक है। आँखों की सुरक्षा के
लिए छात्र चश्मा लगा लें तो बेहतर होगा।
• एकत्र की गई किसी धातु को चिमटे से पकड़कर ज्वाला पर उसका दहन कीजिए।
• अन्य धातुओं के साथ भी यही क्रिया दोहराइए।
• इससे उत्पन्न पदार्थ को एकत्र कीजिए।
• उत्पाद तथा धातु की सतह को ठंडा होने दीजिए।
प्रश्न 1. किस धातु का दहन आसानी से होता है ?
उत्तर-मैग्नीशियम।
प्रश्न 2. जब धातु का दहन हो रहा था तो ज्वाला का रंग क्या था ?
उत्तर-नीला।
प्रश्न 3. दहन के पश्चात् धातु की सतह कैसी प्रतीत होती है ?
उत्तर-चाँदी की तरह श्वेत।
• धातुओं को ऑक्सीजन के साथ अभिक्रियाशील के आधार पर घटते क्रम में व्यवस्थित कीजिए।
प्रश्न 4. क्या इनके उत्पाद जल में घुलनशील हैं ?
उत्तर-Na>Mg>AI>Zn>Fe> Pb>Cu
Mg, AI, Cu, Fe, Pb और Zn के उत्पाद घुलनशील नहीं हैं जबकि सोडियम के उत्पाद
घुलनशील हैं।
क्रियाकलाप 3.10
• सावधानी : इस क्रियाकलाप में शिक्षक के सहयोग की आवश्यकता है।
• क्रियाकलाप 3.9 की तरह समान धातुओं के नमूने एकत्र कीजिए।
• ठंडे जल से आधे भरे बोकर में नमूने के छोटे टुकड़ों को अलग-अलग डालिए।
प्रश्न 1. कौन-सी धातु ठंडे जल से अभिक्रिया करती है ? ठंडे पानी के साथ
अभिक्रियाशील के आधार पर उन्हें आरोही क्रम में व्यवस्थित कीजिए।
उत्तर-सोडियम, पोटैशियम तथा कैल्सियम जल के साथ अभिक्रिया करते हैं। उनकी
अभिक्रियाशीलता का आरोही क्रम है-कैल्सियम < पोटैशियम < सोडियम।
प्रश्न 2. क्या कोई धातु जल में आग उत्पन्न करती है ?
उत्तर-हाँ, सोडियम एवं पोटैशियम।
प्रश्न 3. थोड़ी देर बाद क्या कोई धातु जल में तैरने लगती है ?
उत्तर-हाँ, कैल्सियम।

चित्र 3.1 धातु पर भाप की क्रिया
• जो धातुएँ ठंडे जल के साथ अभिक्रिया नहीं करती हैं उन्हें ऐसे बीकरों में डालिए जो
गर्म जल से आधे भरे हुए हों।
• जो धातुएँ गर्म जल के साथ अभिक्रिया नहीं करती हैं उसके लिए चित्र 3.1 की तरह
उपकरण व्यवस्थित कीजिए तथा भाप के साथ उसकी अभिक्रिया को प्रेक्षित कीजिए।
प्रश्न 4. कौन-सी धातुएँ भाप के साथ अभिक्रिया नहीं करती हैं ?
उत्तर-सीसा, कॉपर, चाँदी तथा सोना।
प्रश्न 5. जल के साथ अभिक्रियाशीलता के आधार पर धातुओं को अवरोही क्रम में
व्यवस्थित कीजिए।
उत्तर-सोडियम > पोटैशियम > कैल्सियम > मैग्नीशियम > ऐलुमिनियम > लोहा > सीसा
> कॉपर > चाँदी > पारा।
क्रियाकलाप 3.11
• सोडियम तथा पोटैशियम के अतिरिक्त बाकी सभी धातुओं के नमूने एकत्र कीजिए।
यदि नमूने मलीन हैं तो रेगमाल से रगड़कर उन्हें साफ कर लीजिए।
• सावधानी : सोडियम तथा पोटैशियम को नहीं लीजिए क्योंकि वे ठंडे जल के साथ
भी तेजी से अभिक्रिया करते हैं।
• नमूनों को अलग-अलग तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्लयुक्त परखनलियों में डालिए।
• थर्मामीटर को परखनलियों में इस प्रकार लटका दें कि उसका बल्ब अम्ल में डूब जाए।
बुलबुले बनने की दर का सावधानीपूर्वक प्रेक्षण कीजिए।
प्रश्न 1. कौन-सी धातुएँ तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ तेजी से अभिक्रिया करती हैं ?
उत्तर-मैग्नीशियम।
प्रश्न 2. आपने किस धातु के साथ सबसे अधिक ताप रिकार्ड किया ?
उत्तर-मैग्नीशियमा
प्रश्न 3. तनु अम्ल के साथ अभिक्रियाशीलता के आधार पर धातुओं को अवरोही क्रम
उत्तर-Mg>AI>Zn>Fe
में व्यवस्थित कीजिए।
क्रियाकलाप 3.12
• कॉपर का एक स्वच्छ तार एवं आयरन की एक कील लीजिए।
• कॉपर के तार को परखनली में रखे आयरन सल्फेट के विलयन तथा आयरन की कील
को दूसरी परखनली में रखे कॉपर सल्फेट के विलयन में डाल दीजिए। (चित्र 3.2)
• 20 मिनट के बाद अपने प्रेक्षणों को रिकार्ड कीजिए।
• आपको किस परखनली में क्या अभिक्रिया हुई है, इसका पता चलता है ?
प्रश्न 1. किस परखनली में क्या अभिक्रिया हुई है ?
उत्तर-उस परखनली में जिसमें लोहे की कील को Cuso, विलयन से डुबाया गया है।
प्रश्न 2. किस आधार पर आप कह सकते हैं कि वास्तव में कोई अभिक्रिया हुई है ?
उत्तर-विलयन के रंग में परिवर्तन तथा कॉपर के जमा होने के आधारों पर हम कह सकते
हैं कि कोई अभिक्रिया हुई है।
प्रश्न 3. क्या आप अपने प्रेक्षणों को क्रियाकलाप 3.9,3.10 तथा 3.11 से कोई संबंध
स्थापित कर सकते हैं?
उत्तर-हाँ। लोहा कॉपर से अधिक अभिक्रियाशील है।
प्रश्न 4. इस अभिक्रिया के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए।
उत्तर-Fe+CuSO4→ FeSO4 + Cu
प्रश्न 5. यह किस प्रकार की अभिक्रिया है ?
उत्तर-विस्थापन अभिक्रिया।
पाठगत प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1. सोडियम को किरोसिन तेल में डूबो कर क्यों रखा जाता है ?
उत्तर-सोडियम सामान्य ताप पर भी नमी तथा ऑक्सीजन के साथ तेजी से अभिक्रिया
करती है। किंतु यह किरोसिन के साथ न तो कोई अभिक्रिया करती है और न ही इसमें घुलती
है। अत: सोडियम को किरोसिन तेल में डुबो कर रखा जाता है।
प्रश्न 2. इन अभिक्रियाओं के लिए समीकरण लिखिए :
(i) भाप के साथ आयरन। (ii) जल के साथ कैल्सियम तथा पोटैशियम।
उत्तर-(a) 2Fe + 3H2O- Fe203 +3H2
(b) Ca+2H2O→ Ca(OH)2 + H2
2K + 2H2O → 2KOH + H2 + ऊष्मा
प्रश्न 3.A,B,C एवं D चार धातुओं के नमूनों को लेकर एक-एक करके निम्न विलयन
में डाला गया। इससे प्राप्त परिणाम को निम्न प्रकार से सारणीबद्ध किया गया है :

इस सारणी का उपयोग कर धातु A,B,C एवं D के संबंध में निम्न प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
(i) सबसे अधिक अभिक्रियाशील धातु कौन-सी है ?
(ii) धातु B को कॉपर (ID सल्फेट के विलयन में डाला जाए तो क्या होगा?
(iii) धातु A,B,C एवं D को अभिक्रियाशीलता के घटते हुए क्रम में व्यवस्थित कीजिए।
उत्तर-(i) धातु B सर्वाधिक अभिक्रियाशील धातु है।
(ii) विस्थापन अभिक्रिया घटित होगी।
(iii) धातु B> धातु A> धातु C> धातु D
प्रश्न 4. अभिक्रियाशील धातु को तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल में डाला जाता है तो
कौन-सी गैस निकलती है ? आयरन के साथ तनु H,SO. की रासायनिक अभिक्रिया
लिखिए।
उत्तर-धातु के लवण के साथ हाइड्रोजन गैस निकलती है।
Fe+ H2SO4→ FeSO4+H2
प्रश्न 5. जिंक को आयरन (II) सल्फेट के विलयन में डालने से क्या होता है ? इसकी
रासायनिक अभिक्रिया लिखिए।
उत्तर-जिंक आयरन (II) सल्फेट विलयन से आयरन को विस्थापित कर देता है।
Zn + FeSO4→ ZnSO4 + Fe
क्रियाकलाप 3.13
• विज्ञान की प्रयोगशाला से सोडियम क्लोराइड, पोटैशियम आयोडाइड, बेरियम
क्लोराइड या किसी अन्य लवण का नमूना लीजिए।
प्रश्न 1. इन लवणों की भौतिक अवस्था क्या है ?
उत्तर-ठोस
धातु के स्पैचुला पर छोटी मात्रा में नमूने को लीजिए तथा इसे ज्वाला पर गर्म कीजिए। अन्य
नमूनों के साथ भी यही क्रिया दोहराइए।
आप क्या देखते हैं ? क्या ये नमूने ज्वाला को रंग प्रदान करते हैं ? क्या यौगिक पिघलते हैं ?
नमूने को जल, पेट्रोल एवं किरोसिन में घोलने का प्रयास कीजिए। क्या ये घुलनशील हैं ?
प्रश्न 2. चित्र 3.2 की तरह एक परिपथ बनाइए और किसी एक लवण के विलयन
में इलेक्ट्रोड डाल दीजिए। आप क्या देखते हैं ? इसी प्रकार अन्य लवण नमूनों की भी जाँच
कीजिए।
उत्तर-बल्ब जलने लगता है। इससे यह
प्रदर्शित होता है कि लवण का विलयन विद्युत
का सुचालक है।

चित्र 3.2 लवण के विलयन की चालकता की जाँच करना
• चित्र 3.4 की तरह एक परिपथ बनाइए और किसी एक लवण के विलयन में इलेक्ट्रोड
डाल दीजिए। आप क्या देखते हैं?
प्रश्न 3. इन यौगिकों की प्रकृति के संबंध में आप क्या निष्कर्ष निकालते हैं ?
उत्तर-(i) आयनिक यौगिक ठोस एवं कठोर होते हैं।
(i) आयनिक यौगिकों के द्रवणांक एवं क्वथनांक उच्च होते हैं।
(iii) ये जल में विलयनशील हैं किन्तु किरोसिन एवं पेट्रोल जैसे कार्बनिक विलायकों में
अविलयशील हैं।
(iv) ठोस अवस्था में आयनिक यौगिक विद्युत के सुचालक नहीं होते क्योंकि दृढ़ संरचना
के कारण आयन गति नहीं कर पाते किंतु पिघली अवस्था में आयनिक यौगिक विद्युत के सुचालक होते हैं।
पाठगत प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1. (i) सोडियम, ऑक्सीजन एवं मैग्नीशियम के लिए इलेक्ट्रॉन-बिन्दु संरचना
लिखिए।
(ii) इलेक्ट्रॉन के स्थानांतरण के द्वारा Na2O एवं MgO की रचना को दर्शाइए।
(iii) इन यौगिकों में कौन-से आयन उपस्थित हैं ?
उत्तर-(i)

चित्र 3.3 सोडियम, ऑक्सीजन एवं मैग्नीशियम की इलेक्ट्रॉन-बिन्दु संरचना


प्रश्न 2. आयनिक यौगिकों का द्रवणांक उच्च क्यों होता है ?
उत्तर-आयनिक यौगिक ठोस एवं कठोर होते हैं। ऐसा आयनों के बीच मजबूत अन्तर-आयनिक
आकर्षण बल के कारण होता है। इस आकर्षण बल को कम करने के लिए अत्यधिक मात्रा में
ऊर्जा की आवश्यकता होती है। यही कारण है कि आयनिक यौगिकों का द्रवणांक उच्च होता है।
पाठगत प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1. निम्न पदों की परिभाषा दीजिए :
(i) खनिज (ii) अयस्क (iii) गैंग
(i) खनिज-वे तत्त्व या यौगिक जो भू-पर्पटी में प्राकृतिक रूप से पाए जाते हैं, उन्हें
खनिज कहते हैं।
(ii) अयस्क-कुछ स्थानों पर खनिजों में कई विशेष धातुएँ अत्यधिक मात्रा में होती हैं
जिन्हें आसानी से निकाला जा सकता है। इन खनिजों को अयस्क कहते हैं।
(iii) गैंग-पृथ्वी से प्राप्त खनिज अयस्कों में मिट्टी, रेत आदि जैसी कई अशुद्धियाँ होती
हैं जिन्हें गैंग कहा जाता है।
प्रश्न 2. दो धातुओं के नाम बताइए जो प्रकृति में मुक्त अवस्था में पाई जाती हैं।
उत्तर-सोना एवं प्लैटिनम
प्रश्न 3. धातु को उसके ऑक्साइड से प्राप्त करने के लिए किस रासायनिक प्रक्रिया
का उपयोग किया जाता है ?
उत्तर-कार्बन द्वारा अपचयन की प्रक्रिया।
पाठगत प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1. जिंक, मैग्नीशियम एवं कॉपर के धात्विक ऑक्साइडों को निम्न धातुओं के
साथ गर्म किया गया :

किस स्थिति में विस्थापन अभिक्रिया घटित होगी?

प्रश्न 2. कौन-सी धातु आसानी से संक्षारित नहीं होती है ?
उत्तर-सक्रियता श्रेणी में नीचे स्थित धातुएँ जैसे-सोना, चाँदी आदि आसानी से संक्षारित
नहीं होती हैं।
प्रश्न 3. मिश्रधातु (मिश्रातु) क्या होता है ?
उत्तर-दो या अधिक धातुओं या एक धातु तथा एक अधातु का समांगी मिश्रण मिश्रधातु
(मिश्रातु) कहलाता है।
अभ्यास
प्रश्न 1. निम्न में कौन-सा युगल विस्थापन अभिक्रिया करता है:
(a) NaCl विलयन एवं कॉपर धातु
(b) MgCI2 विलयन एवं ऐलुमिनियम धातु
(c) FeSO4 विलयन एवं सिल्वर धातु
(d) AgNO3 विलयन एवं कॉपर धातु
उत्तर-(d) AgNO3 विलयन एवं कॉपर धातु
प्रश्न 2. लोहे के फ्राइंग पैन (frying pan) को जंग से बचाने के लिए निम्न में से
कौन-सी विधि उपयुक्त है ?
(a) ग्रीज लगाकर
(b) पेंट लगाकर
(c) जिंक की परत चढ़ाकर
(d) ऊपर के सभी उत्तर-(d) ऊपर के सभी
प्रश्न 3. कोई धातु ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया कर उच्च गलनांक वाला यौगिक
निर्मित करती है। यह यौगिक जल में विलेय है। यह तत्त्व क्या हो सकता है ?
(a) कैल्सियम
(b) कार्बन
(c) सिलिकन
(d) लोहा उत्तर-(a) कैल्सियम
प्रश्न 4. खाद्य पदार्थ के डिब्बों पर जिंक की बजाय टिन की परत होती है क्योंकि
(a) टिन की अपेक्षा जिंक महंँगा है
(b)टिन की अपेक्षा जिंक का गलनांक अधिक है
(E) ठिन की अपेक्षा जिंक अधिक अभिक्रियाशील है
(d) टिन की अपेक्षा जिंक कम अभिक्रियाशील है
उत्तर-(c) टिन की अपेक्षा जिंक अधिक अभिक्रियाशील है।
प्रश्न 5. आपको एक हथौड़ा, बैटरी, बल्ब, तार एवं स्विच दिया गया है :
(a) इनका उपयोग कर धातुओं एवं अधातुओं के नमूनों को कैसे अलग कर सकते हैं ?
(b) धातुओं एवं अधातुओं में विभेदन के लिए इन परीक्षणों की उपयोगिताओं का आकलन
कीजिए।
उत्तर-(a) नीचे दिए गए चित्र के अनुरूप हम एक परिपथ बनाएँगे।

चित्र 3.4 धातु विद्युत के सुचालक होते हैं।
यदि नमूने को विद्युत परिपथ में लगाने पर स्विच ऑन करने पर बल्ब जलता है, तो दिया
गया नमूना एक धातु है।
(b) यह विधि धातु एवं अधातु की जाँच के लिए बहुत ही उपयोगी है, किंतु ग्रेफाइट एक
अपवाद है क्योंकि यह अधातु होते हुए भी विद्युत का चालक है।
प्रश्न 6. उभयधर्मी ऑक्साइड क्या हैं ? दो उभयधर्मी ऑक्साइडों का उदाहरण दीजिए।
उत्तर-वे ऑक्साइड जो अम्ल तथा क्षार दोनों से अभिक्रिया कर लवण प्रदान करते हैं,
उभयधर्मी ऑक्साइड कहलाते हैं।
उदाहरण के लिए ऐलुमिनियम ऑक्साइड निम्नलिखित तरीके से अम्लों तथा क्षारों के साथ
अभिक्रिया करता है:
Al2O3 +6HCI→ 2AICl3 +3H2O
Al2O3 + 2NaOH → NaAIO2 + H2O
(सोडियम एलुमिनेट)
जिंक ऑक्साइड एक अन्य उभयधर्मी ऑक्साइड है।
प्रश्न 7. दो धातुओं के नाम बताइए जो तनु अम्ल से हाइड्रोजन को विस्थापित कर
देंगे तथा दो धातुएँ जो ऐसा नहीं कर सकती हैं।
उत्तर-हाइड्रोजन को विस्थापित करने वाली धातुएँ-मैग्नीशियम, जिंक।
हाइड्रोजन को विस्थापित नहीं कर सकने वाली धातुएँ-कॉपर, सोना।
प्रश्न 8. किसी धातु M के विद्युत-अपघटनी परिष्करण में आप ऐनोड, कैथोड एवं
विद्युत अपघट्य किसे बनाएँगे?
उत्तर-इस प्रक्रिया में अशुद्ध धातु को
ऐनोड बनाया जाता है तथा शुद्ध धातु की एक
पतली पट्टी को कैथोड बनाया जाता है।
धात्विक लवण का उपयोग विद्युत अपघट्य
के रूप में लिया जाता है। उपकरणों को दिए
गए चित्र के ताँबे का विद्युत अपघटनी परिष्करण।
अम्लीकृत कॉपर सल्फेट विलयन का विलयन
विद्युत अपघट्य है। अशुद्ध ताँबा ऐनोड है
जबकि शुद्ध ताँबे की पट्टी कैथोड का कार्य
करती है। विद्युत धारा प्रवाहित करने पर शुद्ध
ताँबा कैथोड पर निक्षेपित हो जाता है।
विद्युत अपघट्य से विद्युत प्रवाहित करने पर ऐनोड पर स्थित शुद्ध धातु विद्युत अपघट्य
में घुल जाती है। शुद्ध धातु की इतनी ही मात्रा कैथोड पर जमा हो जाती है। विलयशील
विलयन में पहुँच जाती हैं जबकि अविलयशील अशुद्धियाँ ऐनोड के नीचे जम जाती हैं, जिन्हें
एनोड पंक कहा जाता है।

प्रश्न 9. प्रत्युष ने सल्फर चूर्ण को स्पैचुला
में लेकर उसे गर्म किया। चित्र के अनुसार एक
परखनली को उल्टा करके उसने उत्सर्जित गैस
को एकत्र किया।
(a) गैस की क्रिया क्या होगी?
(i) सूखे लिटमस पत्र पर
(ii) आर्द्र लिटमस पत्र पर
(b) ऊपर की अभिक्रियाओं के लिए

संतुलित रासायनिक अभिक्रिया लिखिए।
उत्तर-(a) (i) सूखे लिटमस पत्र पर कोई क्रिया नहीं होती।
(ii) यह गैस आई नीले लिटमस पत्र को लाल कर देती है।
(b) S+O2 →SO2
प्रश्न 10. लोहे को जंग से बचाने के लिए दो तरीके बताइए।
उत्तर-(a) यशदलेपन-इस प्रक्रिया में लोहे की वस्तुओं के ऊपर जिंक की एक परत चढ़ाई
जाती है।
(b) पेंटिंग-इस प्रक्रिया में लोहे की वस्तुओं पर पेंट किया जाता है।
प्रश्न 11. ऑक्सीजन के साथ संयुक्त होकर अधातुएँ कैसा ऑक्साइड बनाती हैं ?
उत्तर-क्षारीय तथा उभयधर्मी ऑक्साइड।
प्रश्न 12. कारण बताइए:
(a) प्लैटिनम, सोना एवं चाँदी का उपयोग आभूषण बनाने के लिए किया जाता है।
(b) सोडियम, पोटैशियम एवं लिथियम को तेल के अंदर संग्रहित किया जाता है।
(c) ऐलुमिनियम अत्यधिक अभिक्रियाशील धातु है। इसके अलावा इसका उपयोग
खाना बनाने वाले बर्तन बनाने के लिए किया जाता है।
(d) निष्कर्षण की प्रक्रिया में कार्बोनेट एवं सल्फाइड अयस्क को ऑक्साइड में
परिवर्तित किया जाता है।
उत्तर-(a) प्लैटिनम, सोना एवं चाँदी बहुत कम अभिक्रियाशील हैं तथा संक्षारित भी नहीं
होते। उनकी चमक भी तेज होती है। इन्हीं कारणों से इनका उपयोग आभूषण बनाने के लिए किया जाता है।
(b) सोडियम एवं पोटैशियम जैसी धातुएँ इतनी अभिक्रियाशील हैं कि खुले में रखने पर
तत्काल आग पकड़ लेती है। अर्थात् उन्हें बचाने तथा आग लगने से रोकने के लिए किरोसिन तेल के अंदर संग्रहित किया जाता है।
(c) ऐलुमिनियम संक्षारित नहीं होता, साथ ही यह ऊष्मा का सुचालक है।
(d) किसी धातु को उसके सल्फाइड और कार्बोनेट की अपेक्षा उसके ऑक्साइड से प्राप्त
करना अधिक आसान है। इसलिए अपचयन से पहले धातु सल्फाइड एवं कार्बोनेट को धातु
ऑक्साइड में बदल लेना चाहिए।
प्रश्न 13. आपने ताँबा के मलीन बर्तन को नींबू या इमली के रस से साफ करते अवश्य
देखा होगा। ये खट्टे पदार्थ बर्तन को साफ करने में क्यों प्रभावी हैं ?
उत्तर-तांँबा ऑक्साइड अम्लों से अभिक्रिया करता है, किंतु ताँबा स्वयं अभिक्रिया नहीं
करता। अत: ताँबे को अम्लीय पदार्थों द्वारा साफ किया जा सकता है। ये ताँबे के संक्षारित हिस्सों
(कॉपर ऑक्साइड) को अलग कर देता है तथा शुद्ध ताँबा बचा रह जाता है।
प्रश्न 14. रासायनिक गुणधर्मों के आधार पर धातुओं एवं अधातुओं में विभेद कीजिए।
उत्तर-(i) आयन का निर्माण-धातुएँ धनायन बनाती हैं जबकि अधातुएँ अम्लीय ऑक्साइड
का निर्माण करती हैं।
(i) अम्लीय प्रकृति-धातुएँ क्षारीय ऑक्साइड बनाती हैं जबकि अधातुएँ अम्लीय
ऑक्साइंड का निर्माण करती हैं।
(ii) जल के साथ अभिक्रिया-धातुएँ जल के साथ अभिक्रिया करती हैं परंतु अधातुएँ
जल के साथ अभिक्रिया नहीं करती।
प्रश्न 15. एक व्यक्ति प्रत्येक घर में सुनार बनकर जाता है। उसने पुराने एवं मलीन सोने
के आभूषणों में पहले जैसी चमक पैदा करने का डोंग रचाया। कोई संदेह किये बिना ही एक
महिला अपने सोने के कंगन उसे देती है जिसे वह एक विशेष विलयन में डाल देता है। कंगन
नए की तरह चमकने लगते हैं लेकिन उसका वजन बहुत कम हो जाता है। वह महिला बहुत
दुखी होती है तथा काफी तर्क-वितर्क के पश्चात् उस व्यक्ति को झुकना पड़ता है। एक जासूस
की तरह क्या आप उस विलयन को प्रकृति के बारे में बता सकते हैं?
उत्तर-उस सुनार द्वारा ऐक्वा रेजिया विलयन का उपयोग किया गया।
प्रश्न 16. गर्म जल का टैंक बनाने में ताँबे का उपयोग होता है परंतु इस्पात (लोहे
की मिश्रधातु) का नहीं। इसका कारण बताइए।
उत्तर-गर्म लोहा उबलते पानी से उत्पन्न भाप के साथ अभिक्रिया नहीं करता, किंतु ताँबा
जल के साथ अभिक्रिया नहीं करता।
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