Bihar Board Class 7 Hindi Solutions Chapter 4 दानी पेड़

 Bihar Board Class 7 Hindi Solutions Chapter 4 दानी पेड़

Bihar Board Class 7 Hindi दानी पेड़ Text Book Questions and Answers

पाठ से –

प्रश्न 1. पेड़ से सब कुछ लेने के बाद भी आदमी खुश क्यों नहीं था?
उत्तर:
वह आदमी बूढ़ा हो गया था। उसके शरीर में दम नहीं था। दाँत गिर गये । वह थक गया था। पेड़ से पत्ते, टहनी, तने लेकर वह पेड़ को ढूंठ बना चुका था। उसे आराम की आवश्यकता थी। आराम करने की जगह उसके नजर में नहीं आ रही थी। इसलिए पेड़ से सब कुछ लेने के बाद भी वह आदमी खुश नहीं था।

प्रश्न 2.
अपना सब कुछ दे देने पर भी पेड़ खुश क्यों था?
उत्तर:
पेड़ परोपकारी था । वह अपने प्रिय दोस्त को खुश देखना चाहता था। इसलिए उसने अपना सब कुछ प्यारा लड़का के प्रति उत्सर्ग कर दिया। दान-शील स्वभाव वाले दान देकर आनन्द का अनुभव करते हैं। इसलिए दानी पेड़ अपना सब कुछ दे देने पर भी खुश था।

प्रश्न 3.
पेड़ ने आदमी के बचपन से बढ़ापे तक की किन-किन जरूरतों को पूरा किया ?
उत्तर:
पेड़ ने आदमी को बचपन से बुढ़ापे तक की अनेक जरूरतों को पूरा किया जो निम्नलिखित हैं –

(क) खेलने के लिए अपनी शाखाएँ।
(ख) थकान दूर करने के लिए अपनी छाया ।
(ग) मन बहलाने के लिए-फूल।
(घ) भूख मिटाने के लिए-फल ।
(ङ) पैसे के लिए सभी फल ।
(च) घर बनाने के लिए-टहनी (डाली)।
(छ) नाव बनाने के लिए अपनी तना ।
(ज) बुढ़ापे में सुस्ताने के लिए अपनी दूंठ (जड़)।

प्रश्न 4.
पेड़ को दानी क्यों कहा गया है ?
उत्तर:
पेड़ परोपकार के लिए होता है। उसके प्रत्येक अंग परोपकार में लगता है। वह अपनी छाया देकर सबको आनन्द प्रदान करता है। उसके फल-फूल, पत्ते शाखाएँ तना, छाल, जड़ सब कुछ परोपकार में लग जाते हैं। इतना ही नहीं, वह प्राणवायु ऑक्सीजन दान कर सबों की रक्षा भी करता है। इसलिए पेड़ को दानी कहा जाता है।

प्रश्न 5.
बड़ा होने पर लड़का दुःखी क्यों रहने लगा?
उत्तर:
बड़ा होने पर लड़का दुःखी रहने लगा क्योंकि वह पेड़ से सब कुछ पा चुका था लेकिन जब वह बुढ़ापे को प्राप्त कर गया उसको रोग होने लगा, उसकी शक्ति क्षीण हो गई । अब पेड़ उसकी मदद किसी प्रकार से नहीं कर सकता था। अपने किये करनी पर उसे पश्चाताप हो रहा था जिसके कारण वह दु:खी था। अतः जो दूसरों का अपकार करता है या वृक्ष की रक्षा नहीं करता उसे दु:खी होना ही पड़ता है।

प्रश्न 6.
खाली जगहों को भरिए –

(क) पेड़ छोटे लड़के का …………… था।
उत्तर:
पेड़ छोटे लड़के का प्यारा था।

(ख) वह पेड़ के साथ ……….. खेलता।
उत्तर:
तह पेड़ के साथ लुका-छिपी खेलता।

(ग) मुझे पैसों की ………….. है।
उत्तर:
मुझे पैसों की जरूरत है।

(घ) मैं …………. खरीदना चाहता हूँ।
उत्तर:
मैं बहुत-सी चीजें खरीदना चाहता हूँ।

पाठ से आगे –

प्रश्न 1.
दुनिया में पेड़ों की संख्या को लगातार कम किया जा रहा है। अगर पेड़ों की संख्या इसी प्रकार कम होती जाय तो बीस वर्ष के बाद का समाज कैसा होगा?
उत्तर:
दिन-प्रतिदिन पेड़ों की संख्या में कमी आ रही है। यदि यही स्थिति बनी रही तो बीस वर्षों के बाद का समाज रोग से ग्रस्त हो जायेगा। समाज का प्रत्येक व्यक्ति असमय ही बूढ़ा होकर मरने लगेगा। वह वृक्ष के हनन से दु:खी रहेगा। कृत्रिम ऑक्सीजन का सहारा लेगा। फल-फूल देखने * को भी नहीं मिलेगा। इस प्रकार कहा जा सकता है कि बीस वर्षों के बाद का समाज रोग-शोक दुःखादि से आक्रान्त होकर रोता-बिलखता नजर आयेगा।

प्रश्न 2.
पेड़ों को सुरक्षित रखने के लिए क्या-क्या किया जा सकता
उत्तर:
पेड़ों को सुरक्षित रखने के लिए निम्नलिखित उपाय किये जा सकते हैं –
(क) पेड़ों की कटाई पर रोक के लिए कानून बने ।
(ख) पेड़ों को लगाने की अनिवार्यता का कानून बने ।
(ग) पेड़ों की सुरक्षा के लिए विशेष पुलिस-बल का गठन हो।
(घ) पेड़-पौधों को रोग से बचाव के लिए वनस्पति विशेषज्ञों एवं डॉक्टरों की बहाली हो।
(ङ) पेड़-पौधों की सिंचाई के लिए व्यवस्था हो।

प्रश्न 3.
दिये गये शब्दों का प्रयोग कर एक छोटी-सी कहानी लिखिए –
मेढ़क, तालाब, बगुला, बच्चे, मछली, साँप।
उत्तर:
बगुला की शैतानी-एक तालाब में मेढ़क, मछली और साँप परस्पर मित्र भाव से रहते थे। वहीं पर एक शैतान बगुला भी आता था। बगुला को इन तीनों की दोस्ती अच्छी नहीं लगी। उसने तीनों की दोस्ती को तोड़ने की बात सोच ली । वह साँप के पास जाकर कहता है-अरे, भाई साँप, मेढ़क तो तुमसे छल करता है। वह प्रतिदिन मछलियों को मारकर खा रहा है। एक दिन ऐसा होगा कि तुम्हारा कोई मित्र नहीं बचेगा। साँप शैतान बगुला के बहकावे में आकर मेढ़क को मारना ही उचित सजा मानकर अपने प्रिय दोस्त को निगल गया। अब बगुले ने साँप को मारने का विचार किया।

तालाब के किनारे कुछ बच्चे खेलने आया करते थे। बगुला ने कहा-अरे बच्चे, यहाँ मत खेलो, यहाँ पर रहने वाला साँप तुझे काट लेगा, तुमलोग वेमौत मारे जाओगे। तुम सब प्यारे-प्यारे, भोले-भाले बच्चे के मारे जाने के दुःख को मैं कैसे सहन करूँगा। लड़कों ने बगुला को आश्वासन दिया कि तुम चिन्ता मत करो, कल साँप मारा जायेगा । बच्चे कल होकर दंडे लेकर आये और साँप को खोजकर मार डाले। अब बगुला आसानी से मछली मार कर खाने लगा।

व्याकरण –

प्रश्न 1.
नीचे दिये गये शब्दों का वाक्यों में प्रयोग कर उनके लिङ्ग बताइए
उत्तर:
उदाहरण-शाखा (स्त्रीलिंग) लड़का पेड़ की शाखा पर झूलता था।
आम – (पुल्लिंग) आम मीठा होता है।
खिचड़ी (स्त्रीलिंग) खिचड़ी पक गई।
रंग – (पुल्लिंग) रंग पक्का है।
बन्धु – (पुल्लिंग) मेरा बन्धु आज आयेगा।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित वाक्य वर्तमान काल में है। इन्हें क्रमशः भूतकाल और भविष्यत् काल में लिखिए –
(क) मुझे पैसों की जरूरत है (वर्तमान काल)
उत्तर:
मुझे पैसों की जरूरत थी (भूत काल)
मुझे पैसों की जरूरत होगी। (भविष्यत् काल)

(ख) मैं तुम्हें कुछ देना चाहता हूँ। (वर्तमान काल)
उत्तर:
मैं तुम्हें कुछ देना चाहता था। (भूतकाल)
मैं तुम्हें कुछ देना चाहूँगा। (भविष्यत् काल)

(ग) क्या तुम मुझे नाव दे सकते हो? (वर्तमान काल)
उत्तर:
क्या तुम मुझे नाव दे सकते थे? (भूत काल)
क्या तुम मुझे नाव दे सकोगे? (भविष्यत् काल).

प्रश्न 3.
कोष्ठक में दिये गये शब्दों में से सही शब्द चुनकर वाक्य पूरा कीजिए –
(क) युवक सभी ………… को काटकर ले गया। (शाखा, शाखाओं)
उत्तर:
युवक सभी शाखाओं को काटकर ले गया।

(ख) आदमी ने तना से नाव …………। (बनाई, बनाया)
उत्तर:
आदमी ने तना से नाव बनाई।

(ग) कई साल बीत ………..। (गए, गया) ।
उत्तर:
कई साल बीत गए।

(घ) वह ………… की माला बनाता था। (फूल, फूलों)
उत्तर:
वह फूलों की माला बनाता था।

(ङ) मुझे ………… की जरूरत है। (पैसों, पैसा)
उत्तर:
मुझे पैसों की जरूरत है।

गतिविधि – आप अपने आस-पास के पेड़ों की सूची बनाइए तथा बड़े समूह में साथियों से चर्चा कीजिए कि ये पेड़ हमारे जीवन में किस प्रकार उपयोगी हैं –
उत्तर:
हमारे आस-पास में मुख्यतः दो प्रकार के पेड़ हैं फलदार, छायादार।
(क) फलदार-आम, लीची, बेल, जामुन इत्यादि ।
(ख) छायादार–पीपल, बरगद, पाकर इत्यादि ।

उपयोगिता की चर्चा –

(क) फलदार वृक्ष से हमें छाया के साथ-साथ फल-फूल प्राप्त होते हैं। पेड़ों के पत्ते डाली, जड़ इत्यादि भी औषधि बनाने के काम में आते हैं। ये पेड़ हमारे लिए दिन में ऑक्सीजन छोड़ते हैं तथा रात में कार्बन गैस का उत्सर्जन करते हैं। जबकि दिन में वे कार्बन डाईऑक्साइड नामक दुषित वायु को ग्रहण कर ऑक्सीजन बनाने का काम करते हैं। इनके लकड़ियों से उपस्कर बनता है।

(ख) छायादार पेड़ – फलदार पेड़ से कहीं अधिक लाभकारी है क्योंकि कुछ छापादार पेड़ केवल हमारे लिए प्राणरक्षक के रूप में काम करते हैं जैसे -.पीपल अपनी छाया से लोगों को आराम देता ही है। साथ-साथ यह भी जान लें कि पीपल दिन-रात (24 घंटे) दुषित वायु कार्बन को ग्रहण करता है तथा ऑक्सीजन छोड़ता है जो प्राण वायु कहा जाता है। इसलिए पीपल की पूजा भी लोग करते हैं। उसी प्रकार बरगद भी हमारे लिए अत्यन्त उपयोगी है। वह अपनी छाया से जीव-जन्तुओं को राहत देता है तथा मेघ को आकर्षित करने में बरगद का बहुत बड़ा योगदान होता है। जहाँ अधिक बरगद का पेड़ होगा वहाँ अधिक वर्षा होगी। इसलिए बरगद भी हमारे समाज में पूजित होता

इस प्रकार हरेक पेड़-पौधे हमारे जीवन के लिए उपयोगी हैं। अत: उनकी रक्षा करना हमारा कर्तव्य होना चाहिए।

दानी पेड़ Summary in Hindi

कहानी का सारांश – एक पेड़ को एक छोटे लड़के से बहुत प्यार था। वह लड़का प्रतिदिन पेड़ के पास आता था । वह फूलों की माला बनाकर पेड़ की तने पर चढ़ाता था, उसकी शाखा पर झूलता था। उसका फल खाता और वह पेड़ के साथ लुका-छिपी खेलता था। जब वह थक जाता तो पेड़ की छाँव में सो जाता था। लड़का भी पेड़ से बहुत प्यार करता था, इसलिए पेड़ बहुत खुश था।

समय बीतता गया लड़का जवान हो गया। अब वह पेड़ के साथ खेलने नहीं आता। पड़ अकेले दुःखी रहने लगा। एक दिन लड़का आया, पेड़ बहुत खुश हुआ। लड़का ने पेड़ से कहा—मुझे पैसे की जरूरत है जिससे मैं बहुत-सी चीज खरीदना चाहता हूँ। क्या तुम हमें पैसे दोगे । वृक्ष ने कहामेरे पास पैसे नहीं हैं, मेरे पास फल हैं, तुम फल तोड़कर बाजार में बेच लो, पैसे हो जाएँगे। लड़के ने सारे फल तोड़ लिये इसके बाद भी वृक्ष खुश था ।

कई साल के बाद वह युवक फिर पेड़ के पास आया और कहा-“मेरी शादी होने वाली है, मुझे घर चाहिए। क्या तुम मुझे एक घर दे सकते हो? पेड़ ने कहा हमारे पास घर नहीं है । तुम मेरी शाखाएँ काटकर ले जाओ और घर बना लो । युवक पेड़ की सारी शाखाएँ काट ली। इसके बाद भी पेड़ खुश था।

बहुत दिनों के बाद अब वह बच्चा अधेर व्यक्ति हो गया। एक दिन पेड़ के पास आकर कहा-हमें मछली मारने के लिए नाव चाहिए, क्या तुम नाव दे सकते हो? पेड़ ने कहा हमारे पास नाव नहीं है तुम मेरा बचा हुआ तना ले जाओ उससे नाव बन जाएँगे। वह पेड़ की तना को भी काट कर ले गया। अब उसका केवल जड़ बचा। इसके बाद भी पेड़ खुश था।

इस तरह कई वर्षों के बाद एक बूढ़ा आदमी पेड़ के पास आया। पेड़ पहचान गया। वही छोटा लड़का था। पेड़ ने खुशी मन से कहा-बेटा ! मैं तुझे कुछ देना चाहता था परन्तु हमारे पास कुछ नहीं है बताओ क्या तुझे ढूँ। बूढ़े ने कहा तुम देख रहे हो मेरी हालत, मेरे दाँत गिर गये इसलिए फल नहीं खा सकता। मेरी उम्र शाखाओं पर झुलने की नहीं रही। तने पर चढ़ने का दम ही नहीं है। मैं बहुत थक गया हूँ। मुझे बस आराम से बैठने और सुस्ताने के लिए एक जगह चाहिए।

पेड़ ने कहा, तो आओ मेरे दूंठ (जड़) पर बैठ जा । वह बैठकर सुस्ताने लगा। अब भी पेड़ खुश था।

शिक्षा – अतः जो व्यक्ति दानी होते हैं वे सर्वस्व निछावर करके भी खुश रहते हैं।

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