JAC Board Jharkhand Class 10th Social Science Civics Solutions chapter - 5- जन-संघर्ष और आंदोलन

 JAC Board Jharkhand Class 10th Social Science Civics Solutions chapter - 5- जन-संघर्ष और आंदोलन

JAC Board Jharkhand Class 10th Social Science Civics Solutions chapter - 5- जन-संघर्ष और आंदोलन

                             समकालीन भारत 

                     जन-संघर्ष और आंदोलन

                            वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1. निम्न में से किस वर्ष नेपाल में पुनः लोकतंत्र की स्थापना हुई ?
(a) 2005,

(b) 2006, 

(c) 2007, 

(d) 2008.
               उत्तर-(b)

प्रश्न 2. बोलिविया में विद्रोह हुआ-
(a) लोकतंत्र की बहाली के लिए,

(b) रोजगार के लिए,

(c) जल के निजीकरण को रद्द करने के लिए,

(d) गरीबी दूर करने के लिए ।
                                       उत्तर-(a)

प्रश्न 3. बोलिविया में जल आंदोलन का नेतृत्व किसने किया था ? 
(a) माओवादी, 

(b) समाजवादी पार्टी, 

(c) फेडेकोर,

 (d) वामसेफ ।
                    उत्तर-(c)

प्रश्न 4. निम्न में से कौन दबाव समूह का लक्षण है ?
(a) संगठन,

(b) समान हित,

(c) सर्वव्यापकता,

(d) इनमें सभी ।
                      उत्तर-(d)

प्रश्न 5. मेधापाटेकर निम्नांकित में से किस आंदोलन से संबंधित है ? 
(a) महिला आंदोलन, 

(b) नर्मदा बचाओ आंदोलन, 

(c) किसान आंदोलन,  

(d) अध्यापकों का आंदोलन ।
                                       उत्तर-(b)

प्रश्न 6. निम्न में से कौन-सा दबाव समूह का उदाहरण है ?
(a) नर्मदा बचाओ आंदोलन,

(b) शराब विरोधी आंदोलन,

(c) सूचना के अधिकार का आंदोलन,

(d) इनमें सभी ।
                      उत्तर-(d) 

प्रश्न 7. भारतीय संसद द्वारा सूचना का अधिकार' किस वर्ष पारित किया गया ? 
(a) 2002, 

(b) 2004, 

(c) 2005, 

(d) 2007. 
              उत्तर- (c) 

प्रश्न 8. सप्तदलीय गठबंधन का मुख्य उद्देश्य था-
(a) नेपाल में राजतंत्र की बहाली,

(b) नेपाल में लोकतंत्र की बहाली,

(c) नेपाल में माओवादी शासन की बहाली,

(d) इनमें कोई नहीं ।
                            उत्तर- (b)

प्रश्न 9. बामसेफ (BAMCEF) निम्न में से किसका आंदोलन है ?
(a) किसानों का,

(b) कर्मचारियों का,

(c) महिलाओं का,

(d) उद्योगपतियों का ।
                             उत्तर-(b)

प्रश्न 10. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् किस राजनीतिक दल से संबंधित है ?
(a) काँग्रेस,

(b) भारतीय जनता पार्टी,

(c) बहुजन समाज पार्टी,

(d) साम्यवादी दल |
                           उत्तर-(b)

प्रश्न 11. कौन-सा दबाव समूह सामूहिक हित का समर्थन करता है ?
(a) वर्ग-विशेष के हित-समूह,

(b) जन-सामान्य के हित-समूह,

(c) आंदोलनकारी समूह,

(d) लोगों के समूह |
                            उत्तर-(b)

प्रश्न 12. निम्नांकित में से कौन-सा जन-सामान्य का हित-समूह है ? 
(a) व्यापारिक संघ, 

(b) पेशेवर संस्थाएँ, 

(c) व्यावसायिक संस्थाएँ, 

(d) बंधुआ मजदूरी के खिलाफ लड़ने वाले समूह |
                        उत्तर-(d)

प्रश्न 13. अधिकांश समय लोकतंत्र किस माध्यम से विकसित होता है ? 
(a) सर्वसम्मति, 

(b) लोकप्रिय संघर्ष, 

(c) जनआंदोलन,

(d) इनमें कोई नहीं।
                           उत्तर- (b)

प्रश्न 14. निम्नांकित में से कौन एक सार्वभौम प्रकृति का आंदोलन नहीं है ? 
(a) पर्यावरण आंदोलन, 

(b) नर्मदा बचाओ आंदोलन, 

(c) महिला आंदोलन, 

(d) इनमें कोई नहीं। 
                            उत्तर- (b)

प्रश्न 15. नेपाल में किस प्रकार की सरकार को वर्ष 1990 में अपनाया गया था ? 
(a) राजतंत्र, 

(b) तानाशाही, 

(c) लोकतांत्रिक, 

(d) औपनिवेशिक । 
                           उत्तर- (c)

प्रश्न 16. निम्न में कौन सुमेलित नहीं है ?
(a) वर्ग विशेष के हित समूह - किसी विशेष तबके या समूह के हितों को बढ़ावा देने वाले संगठन |

(b) राजनीतिक दल- ऐसा संगठन जो राजनीतिक सत्ता पाने कि गरज से लोगों की लामबंद करता है ।

(c) आंदोलन - किसी सामजिक समस्या के समाधान के लिए चलाया गया एक ऐसा संघर्ष जिसमें सांगठनिक संरचना हो भी सकती है नहीं भी ।

(d) दबाव समूह राजनीति में सीधे भाग लेते हैं । 
                        उत्तर - (d)

प्रश्न 17. निम्न में कौन सुमेलित नहीं है ? -
(a) नर्मदा बचाओ आंदोलन- एक मुद्दे पर आधारित आंदोलन,

(b) खाद विक्रेताओं का संघ- दबाव समूह,

 (c) तृणमूल कांग्रेस – राजनीतिक दल, 

(d) श्रीलंका – संघात्मक शासन प्रणाली ।
                                            उत्तर - (d)

प्रश्न 18. सप्तदलीय गठबंधन (सेवेन पार्टी अलायंस) का गठन किस देश में किया गया था? 
(a) चीन,

(b) नेपाल, 

(c) बोलिबिया,

(d) श्रीलंका
                 उत्तर-(b)

प्रश्न 19. बोलिबिया किस महादेश में अवस्थित है ? 
(a) अमेरिका, 

(b) लातिनी अमेरिकी, 

(c) अफ्रीका, 

(d) यूरोप । 
              उत्तर- (b) 

प्रश्न 20. इनमें से कौन-सा कथन असत्य है ?
(a) राजनीतिक दल राजनीतिक पक्ष लेते हैं जबकि दबाव-समूह राजनीतिक मसलों की चिंता नहीं करते ।

(b) दबाव-समूह कुछ लोगों तक ही सीमित है जबकि राजनीतिक दल का दायरा ज्यादा लोगों तक फैला रहता है ।

(c) दबाव-समूह सत्ता में नहीं आना चाहते जबकि राजनीतिक दल सत्ता हासिल करना चाहते है ।

(d) दबाव-समूह और राजनीतिक दल समान प्रकृति के है।
        उत्तर - (d) 

प्रश्न 21. नेपाल में एस० पी० ए० (सेवेन पार्टी अलायंस) ने किसे अंतरिम सरकार का प्रधानमंत्री चुना था ?
(a) राजा ज्ञानेन्द,

(b) गिरिजा प्रसाद कोइराला,

(c) राजा बीरेन्द्र, 

(d) राजा महेन्द्र । 
                       उत्तर-(b) 

प्रश्न 22. बोलिविया की सरकार ने कोचबंबा शहर में जलापूर्ति का अधिकार किसे बेच दिया था ? 
(a) स्थानीय कंपनी, 

(b) राष्ट्रीय कंपनी, 

(c) बहुराष्ट्रीय कंपनी, 

(d) इनमें कोई नहीं। 
                           उत्तर-(c)

प्रश्न 23. निम्न में से कौन असत्य है ?
(a) दबाव समूह और आंदोलन अपने लक्ष्य के लिए जनता का समर्थन हासिल करने की कोशिश करते हैं।

(b) आंदोलन कभी राजनीतिक दल का रूप नहीं लेते हैं।

(c) व्यवसाय समूह अक्सर पेशेवर लॉबिस्ट नियुक्त करते है।

(d) अधिकांशतया दबाव समूह और आंदोलन का राजनीतिक दलों से प्रत्यक्ष संबंध नहीं होता । 
                            उत्तर-(c)

प्रश्न 24. इनमें से कौन-सा एक हित समूह का उदाहरण है ? 
(a) टी० एम० सी०, 

(b) एन० सी० पी०, 

(c) बी० एस० पी०, 

(d) बामसेफ ।
                   उत्तर - (d)

प्रश्न 25. नेपाल मे हुए जनसंघर्ष को निम्न में से क्या कहा गया था ? 
(a) पर्यावरण आंदोलन,

(b) सूचना के अधिकार का आंदोलन,

(c) लोकतंत्र के लिए दूसरा आंदोलन,

(d) इनमें कोई नहीं ।
                             उत्तर-(c)

प्रश्न 26. लोकतंत्र और जनसंघर्ष के संबंध में क्या असत्य है ?
(a) लोकतंत्र का जनसंघर्ष के माध्यम से विकास अवरुद्ध होता है।

(b) लोकतंत्र का जनसंघर्ष के माध्यम से विकास होता है ।

(c) लोकतांत्रिक संघर्ष का समाधान जनता की व्यापक लामबंदी के जरिए होते है 

(d) संघर्ष और लामबंदियों का आधार राजनितिक संगठन होते है। 
                    उत्तर - (a)

* कोष्ठक में से सही शब्द चुनकर रिक्त स्थानों को भरें-

प्रश्न 1. नेपाल में राजतंत्र को सन्......... में समाप्त किया गया । (2005/2006) 
उत्तर-2006 

प्रश्न 2. बोलिविया में जन आंदोलन.......के लिए चलाया गया । (लोकतंत्र की स्थापना/ जलपूर्ति के अधिकार के लिए) 
उत्तर-जलपूर्ति के अधिकार के लिए 

प्रश्न 3. बोलिविया में पानी के निजीकरण के खिलाफ जन आंदोलन..........की अगुआई में चलाया गया था। (समाजवादी पार्टी / फेडेकोर)
उत्तर-फेडेकोर

 प्रश्न 4. बामसेफ (BAMCEF) मुख्यतया.........का संगठन है। (महिलाएँ / सरकारी कर्मचारी)
उत्तर-सरकारी कर्मचारी

प्रश्न 5.  दबाव-समूह चुनावों में अपने उम्मीदवार खड़े........... हैं। (करते / नहीं करते ) 
उत्तर- नहीं करते ।

               अतिलघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर 

प्रश्न 1. आंदोलन की परिभाषा लिखें ।
उत्तरकई बार लोग बिना कोई संगठन बनाए मिलकर काम करने का प्रयास करते हैं। ये समूह अपने आपको आंदोलन का नाम देते हैं । 

प्रश्न 2. आंदोलनों के उद्देश्य बताएँ ।
उत्तर-कई आंदोलन अपने उद्देश्य के प्रति प्रतिबद्ध होते हैं। वे अपने एक ही उद्देश्य को पाना चाहते हैं, एक निश्चित समय के अन्दर ।

प्रश्न 3. अप्रैल, 2006 ई० में नेपाल में उठने वाले जन आंदोलन के कार्यकर्ताओं की क्या माँग थी ?
उत्तर - संसद को बदल दिया जाए, सर्वदलीय सरकार बने तथा एक नई संविधान सभा का गठन हो ।

प्रश्न 4. दबाव-समूह और आंदोलन राजनीति पर असर डालने के लिए कौन-कौन से ढंग अपनाते हैं।
उत्तर(क) सूचना अभियान चलाकर,

(ख) बैठकें आयोजित करके,

(ग) मीडिया को प्रभावित करके।

प्रश्न 5. राजनीतिक दलों और दबाव-समूहों के बीच के रिश्ते के दो रूप कौन-कौन से हैं ? 
उत्तर(क) कुछ एक दबाव-समूह राजनीतिक दलों द्वारा ही बनाए जाते हैं। 

(ख) कभी-कभी दबाव-समूह बाद में राजनीतिक दल का रूप धारण कर लेते हैं जैसे असम गण परिषद् ।

प्रश्न 6. नेपाल और बोलिविया के संघर्ष में दो समान बातें बताएँ । 
उत्तर (क) दोनों ही घटनाओं में जनता एक बड़े पैमाने पर लामबन्द हुई ।

(ख) दोनों ही घटनाओं में राजनीतिक संगठनों की भूमिका निर्णायक रही।

प्रश्न 7. राजनीतिक दल और दबाव-समूह में एक बड़ा अन्तर कौन-सा है ?
उत्तर राजनीतिक दल का मुख्य लक्ष्य देश की सत्ता पर नियन्त्रण स्थापित करना होता है जबकि दबाव-समूह का ऐसा कोई लक्ष्य नहीं होता। उसकी सत्ता में हिस्सेदारी करने की कोई इच्छा नहीं होती।

प्रश्न 8. दबाव-समूह और आंदोलन किन दो बातों में सकारात्मक प्रभाव डालते हैं ?
उत्तर -(क) जन साधारण के हित-समूह और आंदोलन सरकार को धनी लोगों और ताकतवर लोगों के अनुचित दबाव से बचाते हैं।

(ख) विभिन्न दबाव-समूहों और आंदोलनों के माध्यम से सरकार इस बात को जान लेती है कि समाज के विभिन्न तबके क्या चाहते हैं ।

प्रश्न 9. नेपाल के कौन से राजा ने जनता द्वारा निर्वाचित सरकार को भंग कर दिया ? 
उत्तर राजा ज्ञानेंद्र ने फरवरी 2005 को जनता द्वारा निर्वाचित सरकार को भंग कर दिया ।

प्रश्न 10. 2006 की अप्रैल में नेपाल में जो आंदोलन उठ खड़ा हुआ उसका क्या लक्ष्य था ? 
उत्तर-इस आंदोलन का लक्ष्य था कि शासन की बागडोर राजा के हाथ से लेकर दोबारा जनता के हाथ में सौंप दी जाए ।

प्रश्न 11. अल्पकालीन आंदोलन कौन-से होते हैं ?
उत्तरवे ऐसे आंदोलन होते हैं जो थोड़े समय तक सक्रिय रह पाते हैं और जिनका लक्ष्य किसी मुद्दे को पाना होता है वे अल्पकालीन आंदोलन कहलाते हैं ।

प्रश्न 12. दीर्घकालीन आंदोलन किन्हें कहते हैं ?
उत्तर-ऐसे आंदोलन लम्बे समय तक चलते हैं और जिनमें एक से अधिक मुद्दे होते हैं 

प्रश्न 13. बोलिविया के लोगों ने अपनी सरकार के विरुद्ध जन आंदोलन क्यों छेड़ दिया ? 
उत्तर-क्योंकि वहाँ की सरकार ने अपनी आय बढ़ाने के लिए पानी का निजीकरण कर दिया और कोचाबम्बा शहर में जलापूर्ति का अधिकार एक बहुराष्ट्रीय कंपनी को बेच दिया। इससे पानी चार गुणा महंगा हो गया और गरीब आदमी प्यासे मरने लगे।

प्रश्न 14. बोलिविया में कब और क्यों जन आंदोलन शुरू किया गया ?
उत्तर-बोलिविया में जन-आंदोलन सन् 2000 में शुरू किया गया जब वहाँ की सरकार ने कोचबम्बा नामक नगर की जलापूर्ति का अधिकार एक बहुराष्ट्रीय कंपनी को सौंप दिया।

प्रश्न 15. बोलिविया का देश कहाँ स्थित है ?
उत्तरबोलिविया लातीनी अमेरिका का एक गरीब देश है। 

प्रश्न 16. 2000 ई० में बोलिविया में जन संघर्ष कैसे शुरू हुआ ?
उत्तर पानी के निजीकरण के विरुद्ध अनेक संस्थाओं जैसे श्रमिकों, मानवाधिकार कार्यकर्त्ताओं तथा सामुदायिक नेताओं आदि ने एक गठबंधन स्थापित करके आम हड़ताल कर दी। जब इससे भी कुछ नहीं बना तो फिर से जन-आंदोलन शुरू किया गया । बहुराष्ट्रीय कंपनी के अधिकारियों को शहर छोड़कर भागना पड़ा। यह आंदोलन बोलिविया के जनयुद्ध के नाम से प्रसिद्ध है। 

प्रश्न 17.जनहित समूह से आप क्या समझते हैं ?
उत्तरवे सामूहिक रूप से काम करते हैं न कि चुने हुए लोगों का ।

प्रश्न 18. हित समूह के कुछ उदाहरण दें।
उत्तर-जो लोग बंधुआ मजदूरी के विरुद्ध लड़ाई लड़ते हैं न कि अपने लिए। जो लोग बंधुआ मजदूर होते हैं, उसके हितों के लिए ।

प्रश्न 19. BAMCEF (वामसेफ) का पूरा स्वरूप लिखें । 
उत्तर-वैकवर्ड एंड मायनॉरिटी कम्युनिटी एम्पलाइज फेडरेशन । 

प्रश्न 20. NAPM का पूर्ण रूप लिखें ।
उत्तर - नेशनल अलायंस फॉर पीपल्स मूवमेंट |

           लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर 

प्रश्न 1. दबाव-समूह क्या है ? कुछ उदाहरण बताएँ ।
उत्तर-जब कुछ लोग अपनी विशेष उद्देश्य की पूर्ति के लिए संगठन बनाते हैं तो ऐसे संगठनों को दबाव-समूह या हित-समूह का नाम दिया जाता है। ऐसे लोगों का उद्देश्य राजनीति में प्रत्यक्ष भागीदारी का नहीं होता । शायद ऐसे लोगों को राजनीतिक गतिविधियों में हिस्सेदारी की इच्छा ही न हो अथवा उन्हें ऐसा करने की कोई जरूरत महसूस न होती हो या उनके पास किसी जरूरी कौशल का अभाव हो। ऐसे दबाव-समूह थोड़े समय के लिए अस्तित्व में आते हैं और अपने सीमित उद्देश्यों की पूर्ति के पश्चात् समाप्त हो जाते हैं। जैसे वोलीविया में सन् 2000 में पानी के प्रश्न पर कुछ लोगों का दबाव-समूह बना और उनके आंदोलन करने पर सरकार को आंदोलनकारियों की सभी मांग माननी पड़ी और जैसे ही बहुराष्ट्रीय कंपनी के साथ किया गया करार रद्द कर दिया वैसे ही यह जल के प्रश्न पर बनाया गया दबाव-समूह भी समाप्त हो गया । 

किसी भी लोकतंत्रीय सरकार में ऐसे दबाव-समूह बनते रहते हैं। कभी वकील लोग, कभी अध्यापक लोग और कभी दुकानदार अपने-अपने हितों की पूर्ति के लिए दबाव-समूह बनाते रहते हैं, राजनीतिक दलों और सरकार पर दबाव डालकर अपने हितों के पक्ष में प्रदर्शन भी करते हैं और जैसे ही मांगे पूरी हो जाती है वे कपूर की भांति गायब हो जाते हैं। निरंतर बने रहना न उनकी इच्छा होती है और न उनका सामर्थ्य । 

प्रश्न 2. दबाव-समूह और आंदोलन राजनीति को किस तरह प्रभावित करते हैं ?
उत्तरदबाव समूह और आंदोलन राजनीति पर कई तरह से असर डालते हैं-

(क) विभिन्न दबाव-समूह और आंदोलन अपने लक्ष्यों की पूर्ति के लिए जनता की सहानुभूति और समर्थन प्राप्त करने का प्रयत्न करते हैं। ऐसे में वे बैठकें करते हैं, जुलूस निकालते हैं और सूचना अभियान चलाते हैं। केवल जनता को ही नहीं ऐसे दबाव-समूह मीडिया को भी प्रभावित करने का प्रयत्न करते हैं ताकि मीडिया उनके मसलों पर ध्यान दे और ऐसे में सरकार और जनता का ध्यान उनकी ओर आकर्षित हो ।

(ख) ऐसे दबाव-समूह केवल सूचना अभियान तक ही सीमित नहीं रहते वरन् वे धरना भी देते हैं हड़तालें भी करते हैं और सरकारी कामकाज में बाधा भी डालते हैं ताकि सरकार उनकी माँगों को जल्दी से माने, बहुत से मजदूर संगठन, कर्मचारी संघ आदि ऐसे ही तरीकों को अपनाते हैं ताकि सरकार पर दबाव बना रहे ।

(ग) कुछ दबाव समूह अपनी बात को लोगों तक पहुँचाने और सरकार को जगाने और सोए हुए को जगाने के लिए महंगे विज्ञापनों का सहारा भी लेते हैं।

(घ) कुछ दबाव-समूह विपक्ष के नेताओं को भी अपने पक्ष में लाने का प्रयत्न करते हैं और उनसे भाषणबाजी तक करवा देते हैं। अपना वोट बैंक बढ़ाने के लिए विभिन्न राजनीतिक दल भी इन दबाव-समूह को अपने पक्ष में करने का प्रयत्न करते हैं ।

प्रश्न 3. दबाव-समूह और राजनीतिक दल में क्या अंतर है ? 
उत्तर - दबाव समूह तथा राजनीतिक दल में अंतर-

(क) दबाव-समूह अराजनीतिक संगठन है । वह किसी विशेष वर्ग के समान हितों को लेकर चलता है। जबकि, राजनीतिक दल एक राजनीतिक संगठन होता है जो समाज के सामान्य हितों का प्रतिनिधित्व करता है ।

(ख) दबाव समूह का उद्देश्य सार्वजनिक नीति निर्माण प्रक्रिया को प्रभावित कर अपने उद्देश्यों की पूर्ति करना होता है, जबकि राजनीतिक दल का मुख्य उद्देश्य सत्ता को प्राप्त करना होता है ।

(ग) दबाव समूह एक छोटा संगठन होता है, जबकि राजनीतिक दल एक बड़ा संगठन ।

(घ) दबाव समूह का उद्देश्य किसी खास समूह या मुद्दे तक सीमित होता है जबकि राजनीतिक दलों का उद्देश्य व्यापक होता है ।

(ङ) दबाव समूह सरकार के गठन के बाद अपना कार्य करते हैं जबकि राजनीतिक दल सरकार बनने के पहले तथा बाद दोनों स्थितियों में कार्य करते हैं ।

प्रश्न 4. दबाव-समूहों और राजनीतिक दलों के आपसी सम्बन्धों का स्वरूप कैसा होता है ? वर्णन करें ।
उत्तर- दबाव-समूह और राजनीतिक दलों का आपसी रिश्ता कई स्वरूप धारण कर सकता है। जिनमें से कुछ प्रत्यक्ष होते हैं तो कुछ अप्रत्यक्ष-

(क) कुछ मामलों में दबाव-समूह राजनीतिक दलों द्वारा ही बनाए जाते हैं। जिनका नेतृत्व प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप में राजनीतिक दलों के नेता ही संभालते हैं।

(ख) कुछ दबाव-समूह राजनीतिक दल की एक शाखा के रूप में काम करते हैं, जैसे भारत के अधिकतर मजदूर संगठन, छात्र संगठन आदि। ऐसे संगठन या तो राजनीतिक दलों द्वारा ही बनाए गए होते हैं या फिर उनकी समबन्धता राजनीतिक दलों से होती हैं ध्यान से देखने से पता चल जाता है कि ऐसे दबाव-समूह की बागडोर किसी न किसी राजनीतिक दल के किसी न किसी नेता या कार्यकर्ता के हाथ में होती है ।

(ग) कई बार दबाव समूह और आंदोलन स्वयं राजनीतिक दल का एक रूप अख्तियार कर लेते हैं। जैसे- असम में विदेशियों के विरुद्ध चलाया गया 'असमय आंदोलन' अपनी समाप्ति पर 'असम गणपरिषद्' के नाम से राजनीतिक दल परिणत हो गया। इसी प्रकार तमिलनाडु के दो प्रमुख राजनीतिक दलों डी० एम० के० और ए० आई० ए० डी० एम० के० की जड़े वहाँ शुरू हुए समाज सुधार आंदोलन में ढूँढ़ी जा सकती है।

(घ) कई बार कुछ दबाव-समूहों और आंदोलनों और राजनीतिक दलों में टकरावों की स्थिति बनी रहती है। विरोधी पक्ष लेने पर भी इन दबाव-समूहों और राजनीतिक दलों में आपसी संवाद होता रहता है और आपसी बातचीत चलती रहती है।

(ङ) कई बार राजनीतिक दलों के नेता इन दबाव-समूहों से ही आते हैं, जैसेभारतीय जनता पार्टी के नेता अरुण जेटली कभी छात्र संगठन के पदाधिकारी थे। इसी प्रकार अजय माकन भी छात्र संघ के नेता थे।

प्रश्न 5. नेपाल और बोलिविया के आंदोलन किस बात में आपस में मिलते-जुलते हैं ? 
अथवा, सिद्ध करें कि लोकतंत्र की जीवंतता से जन-संघर्ष का अन्दरूनी रिश्ता है।
उत्तरनेपाल और बोलिविया के जन आंदोलन में काफी मेल पाया जाता है। दोनों स्थानों पर लोगों ने सरकार के अन्यायपूर्ण कार्यों के विरुद्ध जन-संघर्ष शुरू किया। नेपाल में आंदोलन प्रजातंत्र की बहाली के लिए छेड़ा गया। वहाँ सात पार्टियों ने सप्तदलीय गठबन्धन बनाया और वहाँ के शासक ज्ञानेन्द्र को मजबूर किया कि वह संसद को बहाल करे, सर्वदलीय सरकार का निर्माण करे और नई संविधान सभा का गठन करे ।

बोलिविया में यह आंदोलन श्रमिकों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं तथा सामुदायिक नेताओं द्वारा बनाए गए एक गठबन्धन ने शुरू किया ताकि पानी का ठेका किसी बहुराष्ट्रीय कंपनी को न दिया जाए। ऐसे में पानी चार गुणा महंगा हो गया और गरीब लोगों के प्यासे मरने की नौबत आ गई । अंत में यह आंदोलन नेपाल की भाँति सफल हुआ और सरकार के अन्यायपूर्ण कार्य का अंत हुआ ।

प्रश्न 6. किस तरह से वर्गीय हित समूह भी एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं ?
उत्तरयह पूर्णतः सत्य है कि एक वर्गीय हित समूहें भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कोई भी अकेला समूह पूरे समाज पर नहीं छा सकता है। यदि एक समूह सरकार पर दबाव डालता है कि सरकारी नीतियाँ उसके पक्ष में हों तो दूसरा समूह प्रयास करता है कि नीतियाँ पहले समूह के अनुकूल न हों। ऐसे स्थिति में सरकार सोचने के लिए विवश हो जाती है कि विभिन्न वर्गों के लोगों की क्या इच्छा है ? इससे एक शक्ति संतुलन तथा आपस में लड़ने वाले समूहों को शांत किया जा सकता है।

         दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर 

प्रश्न 1. किस तरह से नेपाली लोगों का संघर्ष पूरे विश्व के लोकतांत्रिक विचार रखने वाले लोगों के लिए एक प्रेरणा स्रोत है ?
उत्तर -(क) नेपाल में अप्रैल 2006 में एक प्रसिद्ध आंदोलन चला। इसका उद्देश्य नेपाल में लोकतंत्र की फिर से बहाली था, जैसा कि पहले सत्ता की बागडोर चुने हुए प्रतिनिधियों के पास थी और राजा संवैधानिक प्रमुख था। 2001 में राजा और परिवारजनों की रहस्यमय हत्या के बाद नया राजा ज्ञानेन्द्र बना। उसे लोकतांत्रिक सरकार पसन्द नहीं थी । अतः उसने कमजोर लोकतांत्रिक व्यवस्था का फायदा उठाया ।

(ख) फरवरी 2005 में राजा ने प्रधानमंत्री को हटा दिया और लोकसभा भंग कर दी। इस पर जनता भड़क उठी और लोकतंत्र की पुनः बहाली के लिए अप्रैल 2006 में भीषण आंदोलन चल पड़ा ।

(ग) सभी प्रमुख राजनैतिक दलों ने Seven Party Alliance (SPA) का गठन किया। साथ ही काठमांडू में चार दिन की हड़ताल हो गई। इसमें माओवादियों सहित कई दलों ने भाग लिया । लाखों लोग इकट्ठा होकर प्रदर्शन करने लगे। लोग अपनी माँगों पर अड़े हुए थे कि संसद को फिर से बहाल किया जाए। सत्ता की बागडोर दी जाए।

(घ) 24 अप्रैल 2006 को जब लोगों द्वारा दी गई चेतावनी का अंतिम दिन आया, राजा ने सभी माँगे मान ली । SPA ने गिरिजा प्रसाद कोइराला को नया प्रधानमंत्री बनाया । संसद द्वारा राजा के सभी विशेषाधिकार समाप्त कर दिए गए। SPA और माओवादियों ने नई संविधान एसेम्बली को चुना। इस आंदोलन को नेपाल की स्वतंत्रता प्राप्ति का दूसरा आंदोलन कहते हैं।

प्रश्न 2. वर्ग विशेष के हित-समूह और जन सामान्य के हित-समूह में अंतर स्पष्ट करें। 
उत्तर-वर्ग विशेष के हित समूह और जन सामान्य के हित समूह में अंतर-

(क) वर्ग हित-समूह अमूमन समाज के किसी खास हिस्से अथवा समूह के हितों को बढ़ावा देना चाहते हैं जबकि जनसामान्य के हित-समूह किसी खास की बजाए सामूहिक हित का प्रतिनिधित्व करते हैं।

(ख) वर्ग विशेष के हित-समूह का उदाहरण मजदूर संगठन, व्यावसायिक संघ और पेशेवरों (वकील, डॉक्टर, शिक्षक आदि) के समूह आदि हैं जबकि जन सामान्य के हित-समूह का उदाहरण बामसेफ है।

(ग) वर्ग विशेष के हित-समूह वर्ग विशेषी होते हैं क्योंकि ये समाज के किसी खास तबके जैसे कि मजदूर, कर्मचारी व्यवसायी, उद्योगपति, धर्म विशेष के अनुयायी अथवा किसी खास जाति का प्रतिनिधित्व करते हैं जबकि जनसामान्य के हित-समूह का लक्ष्य अपने सदस्यों का नहीं बल्कि सर्वसामान्य की मदद करना होता है।

(घ) वर्ग विशेष के हित-समूह का मुख्य सरोकार पूरे समाज का नहीं बल्कि अपने सदस्यों की बेहतरी और कल्याण करना होता है, जबकि सामान्य के हित-समूह जन सामान्य के हित के लिए संघर्ष करते हैं तथा इसके लिए सरकार पर दबाव बनाते हैं ।

प्रश्न 3. दबाव-समूहों की गतिविधियाँ लोकतांत्रिक सरकार के कामकाज में कैसे उपयोगी होती है ?
उत्तर - विभिन्न दबाव समूह अपने ही ढंग से लोकतंत्र की सेवा करते हैं और उसकी जड़ें मजबूत करते हैं ।

(क) प्रायः सरकार धनी एवं शक्तिशाली लोगों के अनुचित दबाव आ सकती है। दबाव समूह तथा आंदोलन समूह इस अनुचित दबाव को कम करने में सहायक सिद्ध होते हैं ।

(ख) ये हित समूह विभिन्न प्रकार के दबावों में संतुलन बनाए रखते हैं। यदि एक दबाव समूह अपनी बात मनवाने के लिए सरकार पर अनुचित दबाव डालता है तो बाकी हित समूह इस अनुचित दबाव को विफल कर देते हैं ।

(ग) विभिन्न प्रकार के दबाव समूह के विरोध और प्रतिविरोध से सरकार को यह पता चलता है कि जनता क्या चाहती है |

(घ) यदि किसी एक समूह द्वारा सरकार पर अपने पक्ष में नीतियाँ बनाने के लिए दबाव डाला जाता है, तो दूसरे समूह द्वारा पहले के पक्ष में नीतियाँ नहीं बनाने के लिए सरकार पर दबाव डाला जाता है। यह सरकार को जनता के विभिन्न वर्गों की इच्छाओं को सुनने तथा समझने का मौका प्रदान करता है।

इस प्रकार दबाव समूह सरकार के कामकाज में उपयोगी सिद्ध होता है ।

प्रश्न 4. दबाव समूह समाज के किसी खास तबके के हितों एवं दृष्टिकोणों की संगठित अभिव्यक्ति होते हैं। विवेचना करें ।
उत्तर-(क) समान पेशे, हित, आकांक्षा अथवा विचारधारा के लोगों का वह समूह जो अपने उद्देश्यों की पूर्ति के लिए सरकार पर दबाव डालता है, दबाव समूह के नाम से जाना जाता है ।

(ख) दबाव समूह ऐसे लोगों का औपचारिक संगठन है, जिनके साझा हित एवं स्वार्थ होते हैं। दबाव समूह सार्वजनिक नीति निर्माण से संबंधित पहलुओं को प्रभावित करने का प्रयास करते हैं ।

(ग) दबाव समूह समाज किसी खास हिस्से या समूह के हितों एवं दृष्टिकोणों को संगठित रूप से अभिव्यक्त करते हैं । व्यावसायिक संघ व्यवसायियों के हितों के लिए सरकार पर दबाव डालते हैं। उसी प्रकार कृषक संगठन कृषि के क्षेत्र में सरकार की नीतियों एवं फैसलों पर दबाव डाल सकते हैं। एक कृषक संगठन शिक्षकों के कल्याण के लिए दबाव नहीं डालता, उसी प्रकार शिक्षक संघ सिंचाई की सुविधाओं की माँग नहीं करता ।

(घ) ऑल इंडिया रेलवे मैन्स एसोसिएशन, ऑल इंडिया टीचर्स एसोसिएशन, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, मुस्लिम मजलिस, स्टुडेन्ट फेडरेशन, फेडरेशन ऑफ इन्डियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एण्ड इन्डस्ट्रीज आदि दबाव समूहों के कुछ उदाहरण हैं।

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