JAC Board Jharkhand Class 10th Social Science Civics Solutions chapter - 7- लोकतंत्र के परिणाम

 JAC Board Jharkhand Class 10th Social Science Civics Solutions chapter - 7- लोकतंत्र के परिणाम

JAC Board Jharkhand Class 10th Social Science Civics Solutions chapter - 7- लोकतंत्र के परिणाम

                      समकालीन भारत 
                    लोकतंत्र के परिणाम
                      वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1. इनमें से कौन गैर-लोकतांत्रिक देश है ?
(a) पाकिस्तान,

(b) भारत,

(c) संयुक्त राज्य अमेरिका,

(d) इनमें कोई नहीं।
                          उत्तर-(a)

प्रश्न 2. लोकतांत्रिक सरकार उत्तरदायी होती है-
(a) राष्ट्रपति के प्रति, 

(b) प्रधानमंत्री के प्रति,

(c) मुख्य न्यायाधीश के प्रति, 

(d) लोगों के प्रति । 
                         उत्तर-(d)

प्रश्न 3. लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं के इनमें से कौन-सा विचार सही है ? 
लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं ने सफलतापूर्वक - 
(a) लोगों के बीच टकराव को समाप्त कर दिया है।

(b) लोगों के बीच की आर्थिक असमानताएँ समाप्त कर दी है। 

(c) हाशिए के समूहों से कैसा व्यवहार हो - इस बारे में सारे मतभेद मिटा दिए है। 

(d) राजनीतिक गैर-बराबरी के विचार को समाप्त कर दिया है। 
                     उत्तर - (d) 

प्रश्न 4. लोकतंत्र के मूल्यांकन के लिहाज से कोई एक चीज लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं के अनुरूप नहीं है
(a) स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव,

(b) व्यक्ति की गरिमा,

(c) बहुसंख्यकों का शासन,

(d) कानून के समक्ष समानता ।
                                            उत्तर-(a)

प्रश्न 5. लोकतांत्रिक व्यवस्था के राजनीतिक और सामाजिक असमानताओं के बारे में किए गए अध्ययन बताते हैं, कि-
(a) लोकतंत्र और विकास साथ ही चलते हैं।

(b) लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में असमानताएँ बनी रहती हैं ।

(c) तानाशाही में असमानताएँ नहीं होती ।

(d) तानाशाही लोकतंत्र से बेहतर साबित हुई है।                                                              
                                                               उत्तर-(b) 

प्रश्न 6. व्यक्ति की गरिमा और स्वतंत्रता को सुरक्षित रखने के लिए सबसे अच्छी सरकार है- 
(a) राजतंत्र, 

(b) तानाशाही, 

(c) लोकतंत्र,

(d) इनमें कोई नहीं । 
                             उत्तर-(c)

प्रश्न 7. निम्नांकित में कौन-से लोकतंत्र से मेल नहीं खाता ? 
(a) राजनीतिक दल, 

(b) चुनाव, 

(c) व्यक्ति विशेष का शासन, 

(d) लिखित संविधान । 
                               उत्तर-(c)

प्रश्न 8. तानाशाही सरकार निम्न के प्रति उत्तरदायी होती है- 
(a) जनता के प्रति, 

(b) न्यायाधीशों के प्रति, 

(c) संसद के प्रति, 

(d) किसी के भी प्रति नहीं ।
                                     उत्तर - (d)

प्रश्न 9. इनमें से कौन लोकतांत्रिक देश है ? 
(a) सउदी अरब,

(b) नाइजीरिया,  

(c) भारत,

(d) इनमें कोई नहीं।
                          उत्तर-(c)

प्रश्न 10. निम्न में से कौन-सी बात अलोकतांत्रिक सरकार में नहीं पाई जाती है ?
(a) बड़े-बड़े राजनीतिक मामलों पर चर्चा का अभाव,

(b) जनता के समर्थन का अभाव,

(c) पारदर्शिता,

(d) लोगों के प्रति उत्तरदायित्व में कमी ।
                                             उत्तर-(c)

प्रश्न 11. लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं ने निम्न में से किसको सफलतापूर्वक हटा दिया है ?
(a) आर्थिक विषमताओं को, 

(b) सामाजिक भेदभाव को, 

(c) राजनीतिक असमानता को, 

(d) क्षेत्रीय असंतुलन को
                                उत्तर-(c) 

प्रश्न 12. निम्नांकित में से कौन समकालीन दुनिया में सरकार का सबसे लोकप्रिय रूप है? 
(a) सैन्य शासन, 

(b) लोकतंत्र, 

(c) तानाशाही, 

(d) राजतंत्र ।
                   उत्तर-(b) 

प्रश्न 13. निम्नांकित में से किस देश में लोकतंत्र तानाशाही के ऊपर पसंद नहीं किया जाता है ?
(a) पाकिस्तान,

(b) बांग्लादेश, 

(c) श्रीलंका,

(d) भारत ।
               उत्तर-(a) 

प्रश्न 14. लोकतंत्र में, एक नागरिक को निर्णय लेने की प्रक्रिया की जाँच करने का अधिकार और साधन होता है, इसे कहा जाता है -
(a) वैधता,

(b) समानता, 

(c) तानाशाही,

(d) पारदर्शिता ।
                      उत्तर-(d) 

प्रश्न 15. निम्नांकित में से कौन-सा एक लोकतंत्र में संघर्ष को हल करने का तरीका नहीं है ? 
(a) बड़े पैमाने पर भीड़ जुटाना, 

(b) संसद का उपयोग करना, 

(c) सशस्त्र क्रांति, 

(d) न्याय करना । 
                        उत्तर-(c)

* कोष्ठक में से सही शब्द चुनकर रिक्त स्थानों को भरें-

प्रश्न 1. वर्तमान विश्व में सबसे लोकप्रिय सरकार .......है। (राजतंत्र / लोकतंत्र )
उत्तर-लोकतंत्र

प्रश्न 2. भारत में.........लोकतंत्र की स्थापना की गई है। (प्रत्यक्ष / अप्रत्यक्ष) 
उत्तरअप्रत्यक्ष

प्रश्न 3. नागरिकों के अधिकार एवं स्वतंत्रताएँ....... में सुरक्षित रहते हैं। (लोकतंत्र / तानाशाही )
उत्तरलोकतंत्र

प्रश्न 4. लोकतंत्र व्यक्ति की....... को बढ़ाता है। (गरिमा / सम्पत्ति)
उत्तरगरिमा

प्रश्न 5. .........एक उत्तरदायी, जिम्मेवार और वैध शासन है। (लोकतंत्र /राजतंत्र)
उत्तरलोकतंत्र

प्रश्न 6. लोकतंत्र सामाजिक विविधताओं में.........बनाता है। (सामंजस्य / कानून)
 उत्तरसामंजस्य

प्रश्न 7. लोकतंत्र में सरकार..........है। (उत्तरदायी / गैर-जिम्मेवार ) 
उत्तरउत्तरदायी

प्रश्न 8. तानाशाही ........... में विश्वास रखती है । ( युद्ध / शांति) 
उत्तरयुद्ध 

प्रश्न 9. ........भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाता है। (सूचना का अधिकार / समानता का अधिकार) 
उत्तरसूचना का अधिकार

प्रश्न 10. लोकतंत्र शासन अन्य शासन व्यवस्थाओं से.........है। (बेहतर / बेहतर नहीं) 
उत्तरबेहतर

प्रश्न 11. लोकतंत्र नागरिकों में.........को बढ़ावा देता है। (असमानता / समानता) 
उत्तर- समानता 

प्रश्न 12. व्यक्ति की गरिमा और आजादी के मामले में.............किसी भी अन्य शासन प्रणाली से काफी आगे है। (लोकतांत्रिक व्यवस्था / तानाशाही) 
उत्तरलोकतांत्रिक व्यवस्था

          अतिलघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर 

प्रश्न 1. लोकतंत्र से आपका क्या अभिप्राय है ?
उत्तरलोकतंत्र से हमारा अभिप्राय ऐसी सरकार से है जो लोगों द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों द्वारा चलाई जाती है।

प्रश्न 2. एक अलोकतांत्रिक सरकार क्या होती है ?
उत्तर- जो सरकार बिना लोगों के भागीदारी से चलाई जाती है उसे अलोकतांत्रिक सरकार कहते हैं ।

प्रश्न 3. पारदर्शिता का क्या अर्थ है ?
उत्तर-जब हर कार्य ईमानदारी और नियमानुसार हो उसे पारदर्शिता कहते हैं। 

प्रश्न 4. एक ऐसे देश का नाम बताएं जहां आधे से अधिक जनसंख्या गरीबी में रहती हो। 
उत्तरबांग्ला देश |

प्रश्न 5. लोकतंत्र में बहुमत और अल्पमत के आपसी सम्बन्ध कैसे होने चाहिए ? 
उत्तरलोकतंत्र में बहुमत को अल्पमत पर अपने विचार थोपने नहीं चाहिए वरन् उससे मिलकर चलना चाहिए ताकि कोई भी कड़वाहट न रहे ।

प्रश्न 6. लोकतांत्रिक देशों में पाए जाने वाली चार समान विशेषताएँ कौन-कौन सी हैं ? 
उत्तर(क) हर एक का औपचारिक संविधान होता है ।

(ख) इनके यहाँ चुनाव होते हैं ।

(ग) इनके यहाँ राजनीतिक दल हैं ।

(घ) इनके यहाँ नागरिकों को कुछ बुनियादी अधिकारों की गारंटी होती है। 

प्रश्न 7. लोकतांत्रिक सरकार के दो गुण लिखें । 
उत्तर(क) यह सरकार लोगों द्वारा चुनी गई होती है चुनाव में जो जीतता है वही अपनी सरकार बनाता है ।

( ख ) यह सरकार लोगों की होती है और लोगों के लिए कार्य करती है। 

प्रश्न 8. लोकतांत्रिक सरकार के दो अवगुण लिखें। 
उत्तर (क) इसमें फैसला लेने में बड़ा समय लग जाता है ।

(ख) भ्रष्टाचार पर काबू पाने में ये सरकारें असफल रही हैं । 

प्रश्न 9. तानाशाही से क्या समझते हैं ?
उत्तरकुछ विशेष व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह द्वारा स्वेच्छाधारी ढंग से चलाया गया शासन तानाशाही कहलाता है।

प्रश्न 10. सूचना के अधिकार से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर- सरकार तथा उसके कामकाज के बारे में जानकारी प्राप्त करने के अधिकार को सूचना का अधिकार कहा जाता है।

प्रश्न 11. सद्भावनापूर्ण सामाजिक व्यवस्था कौन-सी शासन पद्धति में संभव है। 
उत्तर- सद्भावनापूर्ण सामाजिक व्यवस्था या लोगों का आपस में प्रेम रहना केवल लोकतंत्र में ही संभव है।

प्रश्न 12. भारतीय संविधान ने किन दो वर्गों की गरिमा और आजादी को बनाए रखने का प्रयत्न किया है ?
उत्तर (क) महिला वर्ग जिसकी काफी समय तक अवहेलना होती रही। 

(ख) कमजोर और भेदभाव का शिकार हुई जातियों का जिनसे काफी समय से अन्यायपूर्ण व्यवहार होता रहा ।

प्रश्न 13. क्या लोकतंत्र हमारी सभी सामाजिक बुराइयों को दूर कर सकता है ? 
उत्तर-नहीं, लोकतंत्र हमारी सभी बुराइयों को मिटा देने वाली जादू की छड़ी नहीं है। वह ठीक कानूनों की व्यवस्था तो कर सकता है परन्तु इसके लिए भी लोगों को स्वयं प्रयत्न करना होगा और सरकार को पूरा सहयोग देना होगा ।

             लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1. लोकतंत्र किस तरह उत्तरदायी, जिम्मेवार और वैध सरकार का गठन करता है ?
उत्तर- लोकतंत्र निम्नांकित कारणों से लोगों के प्रति उत्तरदायी, जिम्मेवार और वैध सरकार का गठन करता है

(क) यह लोकतंत्र ही है जो एक उत्तरदायी सरकार की स्थापना को सम्भव बनाता है। ऐसी सरकार कायदे-कानूनों को मानती है और लोगों के प्रति जवाबदेह होती है । जिस दिन ऐसी सरकार का विधानमण्डल में बहुमत समाप्त हो जाता है उसी दिन उसे त्यागपत्र देना पड़ता है। ।

(ख) यह लोकतंत्र ही है जिसमें सरकार जिम्मेदारी से काम करती है और लोगों के हितों का ध्यान रखती है। लोकतंत्र ही यह सम्भव बनाता है कि लोग सूचना के अधिकार के अन्तर्गत सरकार तथा उसके काम-काज के बारे में जानकारी प्राप्त कर सके । लोकतंत्र में ही विरोधी राजनीतिक दल स्वतंत्रता से सरकार की नीतियों की आलोचना करके उसे अधिक पारदर्शी और जिम्मेदार बना सकते हैं ।

(ग) लोकतंत्र ही सरकार की वैधता को सम्भव बनाता है। जब कोई भी सरकार अल्पमत में आ जाती है तो उसे त्याग-पत्र देना पड़ता है क्योंकि उसकी वैधता समाप्त हो जाती है ।

(घ) अगली सरकार तब ही अस्तित्व में आती है जब वह अगले चुनावों में अपना बहुमत प्राप्त कर लेती है। बिना लोगों का विश्वास प्राप्त किए कोई भी नई सरकार नहीं बन सकती । यही चुनाव प्रक्रिया सरकार की वैधता पर मोहर लगाती है जो केवल लोकतंत्र में ही सम्भव है ।

प्रश्न 2. लोकतांत्रिक सरकार की मुख्य विशेषताएँ लिखें।
उत्तर-लोकतांत्रिक सरकार की मुख्य विशेषताएँ- एक लोकतांत्रिक सरकार की कुछ अपनी विशेषताएँ होती है, जिनमें से कुछ प्रमुख निम्नांकित हैं-

(क) लोगों द्वारा चुने गए सदस्य ही देश के शासन की बागडोर सम्भालते हैं और सारे प्रमुख फैसले वे स्वंय करते हैं।

(ख) लोकतंत्र में चुनाव निष्पक्ष और स्वतंत्र रूप से होते हैं और चुनाव द्वारा लोग जब चाहे मौजूदा शासकों को बदल सकते हैं

(ग) लोकतंत्र की तीसरी विशेषता यह है कि इसमें सभी लोगों को सार्वभौमिक व्यस्क मताधिकार के नियमों के अनुसार समान रूप से वोट देने का अधिकार उपलब्ध होता है।

(घ) चुनाव द्वारा चुनी गई सरकार संविधान द्वारा निश्चित बुनियादी कानूनों और नागरिक अधिकारों की सीमा में रहते हुए काम करती है।

प्रश्न 3. लोकतंत्र को सबसे अच्छा शासन व्यवस्था क्यों कहा गया है ?
अथवा लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था निश्चित रूप से अन्य शासनों से बेहतर है। इस कथन के पक्ष में तर्क दें।
अथवा, लोकतंत्र के चार प्रमुख गुणों का उल्लेख करें ।
अथवा, लोग लोकतंत्र को क्यों अधिक पसंद करते हैं ?
अथवा, किन कारणों से लोकतंत्र को अन्य शासन से बेहतर बताया गया है ? 
उत्तरनिम्नांकित गुणों के आधार पर लोकतंत्र को एक बेहतर शासन व्यवस्था माना जाता है-

(क) जनमत पर आधारित शासन - यह शासन जनता की सामान्य इच्छा के अनुसार चलाया जाता है और प्रत्येक व्यक्ति की इच्छा को ध्यान में रखा जाता है।

(ख) समानता और स्वतंत्रता का पोषक - लोकतंत्र के अंतर्गत, जाति, वंश, रंग, धर्म, लिंग आदि का भेदभाव नहीं किया जाता है। कानून के सामने सभी नागरिक समान माने जाते हैं। सभी नागरिकों को अपने विचार, भाषण, सभा आदि करने की छूट दी जाती है ।

(ग) व्यक्ति की गरिमा में वृद्धि - इसमें सभी नागरिकों को समान माना जाता है। सभी व्यक्ति गरिमा के साथ जीता है। उसे हेय दृष्टि से नहीं देखा जाता, चाहे वह किसी जाति, धर्म, रंग, भाषा, पेशा आदि का हो ।

(घ) यह टकरावों को टालने-सँभालने का तरीका देता है और इसमें गलतियों को सुधारने की गुंजाइश होती है। लोकतंत्र में काफी विचार-विमर्श के बाद ही निर्णय लिए जाते हैं जिसमें गलतियों को सुधारने का अवसर प्राप्त होता है। इससे टकराव टल जाता है।

प्रश्न 4. ‘लोकतंत्र अपने नागरिकों के बीच आय की असमानता को कम नहीं कर सकता।" उपर्युक्त कथन के पक्ष या विपक्ष में तर्क दें।
उत्तरयह ठीक है कि लोकतंत्र अपने नागरिकों के बीच की आर्थिक समानता को कम नहीं कर सकता। लोकतंत्र में यद्यपि सभी नागरिकों को समान अधिकार तथा विकास के समान अवसर उपलब्ध होते हैं, परंतु व्यवहार में वहाँ पर अमीर-गरीब, शिक्षित-अशिक्षित लोगों में भारी अंतर पाया जाता है। भारत में एक ओर टाटा, बिरला, अंबानी बंधु तथा एल० एन० मित्तल जैसे पूँजीपति हैं और दूसरी ओर करोड़ों लोग ऐसे हैं जिन्हें दो वक्त का रोटी भी नसीब नहीं होती। इसीप्रकार अमेरिका जैसे देश में ऊपर के 20% लोग राष्ट्रीय आय का 50% भाग है जबकि नीचे के 20% लोगों के पास राष्ट्रीय आय का केवल 4% भाग है। लगभग यही स्थिति दक्षिणी अफ्रीका, ब्राजील, रूस, ब्रिटेन, डेनमार्क, हंगरी आदि देशों में पाई जाती है। 

इस प्रकार, हम यह कह सकते हैं कि लोकतंत्र आर्थिक असमानताओं को दूर करने में असफल रहा है।

प्रश्न 5. 'औद्योगिक देश ही लोकतांत्रिक व्यवस्था का भार उठा सकते हैं पर गरीब देशों को आर्थिक विकास करने के लिए तानाशाही चाहिए।" उपर्युक्त कथनों के पक्ष या विपक्ष में तर्क दें।
उत्तरबहुत से लोगों के अनुसार ऐसा कहना ठीक नहीं है कि औद्योगिक देश ही लोकतांत्रिक व्यवस्था का भार उठा सकते हैं, गरीब देशों को आर्थिक विकास करने के लिए तानाशाह चाहिए ।

उनका कहना है कि हो सकता है कि तानाशाही देशों में आर्थिक दर लोकतांत्रिक देशों से कुछ अच्छी हो परन्तु वहाँ मूल्यों का अभाव होता है इसलिए तानाशाही का पक्ष नहीं लिया जा सकता । निरादर के अच्छे जीवन से आदर का साधारण जीवन कहीं अच्छा है।

ऐसा नहीं कि तानाशाही देश नहीं होते तो फिर लोकतंत्र में एक गरीब देश बनकर रहना कहीं अच्छा है। आदमी चैन से रह सकता है और आराम की नींद सो सकता है।

आर्थिक विकास केवल लोकतंत्र और तानाशाही से ही नहीं जुड़ा हुआ है आर्थिक विकास के लिए अनेक अन्य कारक भी जिम्मेदार होते हैं, जैसे- देश की जनसंख्या का आकार, भौगोलिक और वैश्विक स्थिति, अन्य देशों से सहयोग और देश द्वारा तय की गई आर्थिक प्राथमिकताएँ आदि ।

प्रश्न 6. "गरीब देशों की सरकार को अपने ज्यादा संसाधन गरीबी को कम करने और आहार, कपड़ा, स्वास्थ्य तथा शिक्षा पर लगाने की जगह उद्योगों और बुनियादी आर्थिक ढाँचे पर खर्च करने चाहिए।"
उपर्युक्त कथन के पक्ष या विपक्ष में तर्क दें।
उत्तर-लोकतंत्र में कुछ भी कहने की स्वतंत्रता है इसलिए कुछ लोग ऐसा भी कह देते हैं कि गरीब देशों की सरकार को अपने ज्यादा संसाधन गरीबी को कम करने और आहार, कपड़ा, स्वास्थ्य तथा शिक्षा पर लगाने की जगह उद्योगों और बुनियादी आर्थिक ढाँचे पर खर्च करने चाहिए। परन्तु ऐसा कहना बिल्कुल ठीक नहीं। गरीब देशों की सरकार को दोनों प्राकृतिक और मानव संसाधनों के विकास पर ध्यान देना चाहिए। जहाँ उन्हें अपना ध्यान उद्योगों और बुनियादी आर्थिक ढाँचे की ओर देना चाहिए। उतना ही उसे मानव संसाधनों के विकास की ओर देना चाहिए । अर्थात् इसे अपने संसाधन गरीबी को कम करने और आहार, कपड़ा, स्वास्थ्य तथा शिक्षा पर भी खर्च करना चाहिए। यदि लोग शिक्षित होंगे तो वह उद्योगों और बुनियादी आर्थिक ढाँचे के विकास में भी लाभकारी सिद्ध होंगे। 

प्रश्न 7. "लोकतंत्र में सभी नागरिकों को एक ही वोट का अधिकार है। इसका मतलब है कि लोकतंत्र में किसी तरह का प्रभुत्व और टकराव नहीं होता।" उपर्युक्त कथन के पक्ष या विपक्ष में तर्क दें।
उत्तरइस कथन में काफी सच्चाई है क्योंकि लोकतंत्र में सभी को एक ही वोट का अधिकार है इसलिए लोकतंत्र में किसी तरह का प्रभुत्व और टकराव नहीं होता। चुनाव लड़ने वालों को यदि अमीरों के वोट चाहिए तो उन्हें गरीबों के वोट भी चाहिए। इस प्रकार राजनीतिक दल दोनों वर्गों में सामंजस्य बनाए रखते हैं। फिर भी यदि कोई मतभेद उठ जाते हैं तो उनका सबसे अच्छा हल लोकतंत्र में ही संभव है जहाँ हर एक की भावनाओं को ध्यान में रखा जाता है।

प्रश्न 8. "नागरिकों के बीच आर्थिक समानता अमीर और गरीब, दोनों तरह के लोकतांत्रिक देशों में है।" उपर्युक्त कथन के पक्ष या विपक्ष में तर्क दें। 
उत्तरनागरिकों के बीच आर्थिक असमानता अमीर और गरीब दोनों तरह के लोकतांत्रिक देशों में है। लोकतांत्रिक व्यवस्था राजनीतिक समानता पर निर्भर करती है। वास्तविक जीवन में लोकतांत्रिक व्यवस्थाएँ आर्थिक असमानताओं को कम करने में अधिक सफल नहीं हो पाई है। परिणामस्वरूप जहाँ अमेरिका जैसे अमीर देश के ऊपर 20% लोगों के पास राष्ट्रीय में प्रतिशत हिस्सा 50% है वहाँ नीचे के 20% लोगों में यह हिस्सा केवल 4% है। आय में यह विषमता ब्राजील जैसे विकासशील देश में भी पाई जाती है। वहाँ ऊपर के 20% लोगों के पास जब राष्ट्रीय आय का 63% हिस्सा है, वहाँ नीचे के 20% लोगों के पास यह हिस्सा केवल 2.6% है। इसका यह अर्थ है कि अमीर और गरीब दोनों देशों के नागरिकों में आर्थिक असमानता पाई जाती है। इस मामले में लोकतंत्र इतने सफल सिद्ध नहीं हुए हैं, परन्तु निरन्तर प्रयत्न करने से स्थिति सुधारी जा सकती है। और वह भी केवल लोकतांत्रिक देशों में न कि तानाशाही प्रधान देशों में ।

प्रश्न 9. भारत के विभिन्न राज्यों में बड़ी संख्या में किसान आत्महत्या कर रहे हैं। व्याख्या करें ।
उत्तरभारत के विभिन्न राज्यों में जो किसान एक बड़ी संख्या में आत्महत्या कर रहे हैं। वास्तव में यह एक बड़ी चिन्ता का विषय है और लोकतंत्र को यह बड़ी चुनौती है परन्तु चुनौतियों का सामना करना ही तो लोकतंत्र की सबसे बड़ी सफलता है। हमें उन कारणों को जानना होगा जिससे विवश होकर किसान लोग आत्महत्या कर रहे हैं। हमें ऐसे लोगों के लिए सस्ती दर पर पूँजी की उपलब्धता को सुनिश्चित बनाना होगा, उन्हें साहूकारों के चंगुल से बचाना होगा और प्राकृतिक कारणों से यदि फसल नष्ट हो जाए तो भूमि कर माफ कर देना होगा। यदि उन्हें बिजली भी सस्ते दामों पर उपलब्ध करा दी जाए तो सोने पर सुहागे वाली बात होगी।

प्रश्न 10. भारत को हम एक अप्रत्यक्ष लोकतंत्र क्यों कह सकते हैं ?
उत्तरप्रत्यक्ष लोकतंत्र वहीं चल सकता है, जहाँ थोड़ा क्षेत्रफल और कम जनसंख्या हो । भारत एक विशाल देश है जिसमें बहुत बड़ी जनसंख्या है। पूरे देश के लोग किसी एक स्थान पर बैठकर कानून नहीं बना सकते या फैसले नहीं ले सकते हैं। इन दिनों वोटरों की संख्या बहुत अधिक हो गई है। लोगों की आवश्यकताएँ और समस्याएँ भी बढ़ गई हैं। साथ ही सरकारी मशीनरी भी जटिल हो गई है। ऐसी स्थिति में भारत को अप्रत्यक्ष लोकतंत्र को अपनाना ही हितकर होगा। लोग अपने प्रतिनिधियों को चुनते हैं, जो कानून बनाते और फैसले लेते हैं। इसीलिए भारत को अप्रत्यक्ष लोकतंत्रात्मक देश कहा जाता है । 

प्रश्न 11. प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष में अन्तर लोकतंत्र पष्ट करें।
उत्तर - प्रत्यक्ष लोकतंत्र - प्रत्यक्ष लोकतंत्र में सभी प्रौढ़ नागरिक एक स्थान पर इकट्ठे होकर अपने शासकों का चयन प्रत्यक्ष रूप में करते हैं। टैक्सों के लगाने, कानून बनाने तथा प्रशासकीय कार्यों की रूपरेखा पर सीधे वोट डाले जाते हैं। इस तरह से लोगों द्वारा सीधे तौर पर राज्य के कार्यों पर मोहर लगा दी जाती है। इसमें चुने हुए प्रतिनिधियों का काम नहीं होता है । 

अप्रत्यक्ष लोकतंत्र - अप्रत्यक्ष लोकतंत्र में बड़े क्षेत्रफल वाला देश तथा अत्यधिक लोग होते हैं। अब लोग अपने प्रतिनिधियों द्वारा कानून बनाने और फैसला लेने की प्रक्रिया में शामिल होते हैं। प्रत्येक पाँच वर्ष बाद प्रौढ़ नागरिक अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करके उन्हें विधानपालिका में भेजते हैं। अगर कोई प्रतिनिधि ठीक काम नहीं करता, तो अगली बार उसे न चुनकर किसी अन्य को मौका दिया जाता है। इस तरह से जनता का सरकार पर सीधा नियंत्रण होता है । 

प्रश्न 12. भारत में गरीबी के मुख्य कारण क्या हैं ? किन्हीं चार को लिखें। 
उत्तरभारत में गरीबी के निम्नांकित कारण हैं-

(क) राष्ट्रीय उत्पाद का निम्न स्तर - भारत का कुल राष्ट्रीय उत्पाद जनसंख्या की तुलना में काफी कम है। इस कारण भी भारत में प्रति व्यक्ति आय कम रही है।

(ख) जनसंख्या में वृद्धि - जनसंख्या में तेजी से वृद्धि के कारण लोगों की संपत्ति में तेजी से बँटवारा हो रहा है। किसानों के पास प्रति व्यक्ति भूमि काफी कम होती जा रही है ।

(ग) पूँजी की अपर्याप्तता- भारत में पूँजी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है। पूँजी के अभाव में भारतीय कृषि, उद्योग, यातायात के साधनों एवं अन्य साधनों का समुचित विकास नहीं हो पाया है। इसलिए इन क्षेत्रों से भारतीय लोगों को उचित आय की प्राप्ति नहीं होती है ।

(घ) बेरोजगारी – जनसंख्या के निरंतर बढ़ने से यहाँ चिरकालीन बेरोजगारी व अर्द्धबेरोजगारी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। भारत में शिक्षित बेरोजगारी से भी बढ़कर कृषि में अदृश्य बेरोजगारी की समस्या है। बेरोजगारी की समस्या गरीबी का मुख्य कारण है।

(ङ) उचित औद्योगिकीकरण का अभाव - औद्योगिक दृष्टिकोण से भारत अभी बहुत पिछड़ा हुआ है। इसलिए बड़े स्तर के उद्योगों में भारत की कुल कार्यशील जनसंख्या का केवल 3 प्रतिशत भाग ही लगा हुआ है।

प्रश्न 13. लोकतंत्र किस प्रकार नागरिकों की गरिमा और आजादी सुरक्षित रखता है ? चर्चा करें ।
अथवा, एक तानाशाही शासन की तुलना में लोकतांत्रिक शासन में नागरिकों की गरिमा और आजादी बनी रहता है, कैसे ?
उत्तर -(क) प्रत्येक व्यक्ति अपने साथ के लोगों से सम्मान पाना चाहता है।

(ख) लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों को भाषण देने और अपने विचार व्यक्त करने की पूर्ण स्वतंत्रता होती है।

(ग) लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी राजनीतिक दलों को चुनावों में चुनावों से पहले और चुनावों के बाद स्वतंत्र रूप से कार्य करने की आज्ञा होती है। 

(घ) लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी वर्गों और धर्मों का सम्मान किया जाता है।

प्रश्न 14. आर्थिक असमानताओं को कम करने में लोकतांत्रिक व्यवस्था अधिक सफल नहीं हो पाई है, क्यों ?
उत्तर (क) लोकतांत्रिक व्यवस्था बहुमत पर आधारित होती है। किसी भी देश में गरीबों की संख्या अधिक होती है, जिन्हें अपने पक्ष में प्रभावित करना आसान होता है। अतः दलों द्वारा गरीबों को वोट बैंक के रूप में देखा जाता है। फलस्वरूप राजनीतिक दल गरीबों अथवा आर्थिक असमानता को कम अथवा दूर करने के प्रति इच्छापूर्वक उदासीन होते हैं ।

(ख) जनसंख्या का तीव्र गति से विकास भी आर्थिक असमानताओं को दूर करने में बाधक है। सिद्धांत रूप से, संसाधनों का विकास उतनी तेज से नहीं होता है, जितनी तेजी जनसंख्या में वृद्धि होती है। सरकारें जनसंख्या में वृद्धि को रोकने में अपेक्षित सफलता प्राप्त नहीं कर पाई हैं, जिसके परिणामस्वरूप आर्थिक असमानता को दूर नहीं किया जा सका है।

प्रश्न 15. लोकतंत्र किस रूप में एक उत्तरदायी शासन है ?
उत्तर- लोकतंत्र, जनता का, जनता द्वारा तथा जनता के लिए शासन व्यवस्था है। अतः यह जनता के प्रति उत्तरदायी है । लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता को सरकार के कार्यों, निर्णयों एवं नीतियों के बारे में जानने का अधिकार होता है। सरकार कोई ऐसा कदम नहीं उठा सकती जो जनता की इच्छाओं के विरुद्ध हो । लोकतंत्र में जनता के कल्याण और विकास की जिम्मेवारी भी सरकार पर होती है। इसके लिए शासन में जनता की भागीदारी सुनिश्चित करना सरकार का दायित्व है। 

प्रश्न 16. लोकतंत्र किस प्रकार का वैध शासन व्यवस्था है ?
उत्तर-वैध सरकार एक ऐसी सरकार होती है जो निश्चित नियमों के अनुसार कार्य करती है अर्थात् प्रतिमानों तथा सही कार्यप्रणाली को अपनाकर ही निर्णय लेती है। नागरिकों को यह जानने की स्वतंत्रता होती है कि क्या निर्णय सही कार्यप्रणाली के द्वारा लिए गए हैं। इसे पारदर्शिता कहते हैं। उदाहरण के लिए भारत में सरकार ने अपने नागरिकों को सूचना पाने का अधिकार दिया है, जो लोगों को यह जानने का अधिकार देता है कि सरकार किस प्रकार कार्य कर रही है। 

इस प्रकार लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था निश्चित रूप से अन्य शासकों से बेहतर है। यह वैध शासन व्यवस्था है, इसलिए पूरी दुनिया में लोकतंत्र के विचार के प्रति समर्थन का भाव है ।

                दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर 

प्रश्न 1. लोकतंत्र किन परिस्थितियों में सामाजिक विविधता को संभालता है और उनके बीच सामंजस्य बैठाता है ?
उत्तरविश्व भर में कोई एक ऐसा देश नहीं जहाँ धर्म, जाति, भाषा या आर्थिक स्थिति के आधार पर कोई भेदभाव न हो । परन्तु यह केवल लोकतंत्र में ही सम्भव है कि हर प्रकार की विविधताओं और विभिन्नताओं में आपसी सामंजस्य पैदा किया जाता है । 
(क) यह लोकतंत्र में ही सम्भव है कि विभिन्न भाषा बोलने वाले लोगों को भी अपनी भाषा विकसित करने का मौका दिया जाता है। हर भाषा के लोग अपने निजी स्कूल खोल सकते हैं और अपनी-अपनी भाषा को प्रोत्साहन दे सकते हैं। दिल्ली में कई तमिल स्कूल हैं, उर्दू भाषा में शिक्षा देने वाले स्कूल हैं, पंजाबी तथा अन्य भाषाओं में शिक्षा देने वाले स्कूल हैं। सब मिलकर प्यार से शिक्षा कार्य कर रहे हैं ।

(ख) लोकतंत्र में ही यह सम्भव है कि यहाँ हर आर्थिक तबके के लोगों को बराबर का वोट का अधिकार है, उसमें अमीरी गरीबी का कोई अन्तर नहीं रखा जाता।

(ग) यह लोकतंत्र में ही सम्भव है कि पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं को भी बराबर का वोट का अधिकार है और महिलाओं को अपने व्यवसाय चुनने का पूर्ण अधिकार है।

(घ) यह लोकतंत्र में ही सम्भव है कि हर धर्म के लोग अपने धर्म-स्थान बना सकते हैं और अपने ही ढंग से पूजा पाठ कर सकते हैं। सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में हर धर्म के विद्यार्थियों को बिना किसी भेदभाव के शिक्षा दी जाती है और सरकारी नौकरियों में किसी से कोई भेदभाव नहीं किया जाता।

(ङ) लोकतंत्र ही यह सम्भव बनाता है कि किसी भी जाति के लोग किसी भी धर्म के लोग बसों, रेलगाड़ियों आदि में इकट्ठे सफर कर सकते हैं और होटलों में या किसी भी स्थान पर रुकने में कोई पाबन्दी नहीं है ।

(च) लोकतंत्र ही यह सम्भव बनाता है कि बहुदल के लोग अल्पदल के साथ मिलकर चलते हैं और दोनों एक दूसरे की भावनाओं की कदर करते हैं ।

प्रश्न 2. गैर-लोकतांत्रिक सरकारों के कुछ समान लक्षण लिखें ।
उत्तरगैर-लोकतांत्रिक सरकारों, जैसे- म्यांमार, नाइजीरिया, पाकिस्तान, चीन आदि सरकारों के कुछ सामान्य लक्षण निम्नांकित हैं-

(क) गैर-लोकतांत्रिक सरकारों में लोग सरकार और उसकी नीतियों की आलोचना नहीं कर सकते, ऐसा करने पर उन्हें कई यातनाएँ दी जाती है, और जेल तक में धकेल दिया जाता है।

(ख) गैर-लोकतांत्रिक सरकारों में शासनकर्ता, चाहे वह राजा हो या सैनि प्रमुख सर्वेसर्वा होता है ।

(ग) गैर-लोकतांत्रिक सरकारें या देशों में विरोधी दलों का कोई स्थान नहीं होता। वहाँ केवल वही राजनीतिक दल टिक सकता है जो सरकार की हाँ में हाँ मिलाने वाले हों ।

(घ) गैर-लोकतांत्रिक सरकारों में मजदूरों और कारीगरों को संघ बनाने की कोई अनुमति नहीं होती। केवल ऐसे संगठन ही वहाँ पनप सकते हैं जो सरकार की नीतियाँ का अनुमोदन करने वाले हों।

(ङ) गैर-लोकतांत्रिक देशों में सभी लोग राजा और सैनिक नेता के रहमोकरम पर होते हैं। वे जब चाहे उन्हें कोई भी दण्ड दे सकते हैं, पकड़कर जेल भी भेज सकते हैं ।

(च) गैर-लोकतांत्रिक देशों में एक साधारण नागरिक अपने बलबूते पर किसी भी उच्च स्थान को प्राप्त नहीं कर सकता। यदि वह अपनी जमीर को मार ले और हाँ में हाँ मिलाता जाए तो वह कुछ भी प्राप्त कर सकता है

हमसे जुड़ें, हमें फॉलो करे ..

  • Telegram ग्रुप ज्वाइन करे – Click Here
  • Facebook पर फॉलो करे – Click Here
  • Facebook ग्रुप ज्वाइन करे – Click Here
  • BPSC Notes ————– Click Here
Previous Post Next Post