JAC Board Jharkhand Class 9th Social Science History Solutions chapter- 3- नात्सीवाद और हिटलर का उदय

 JAC Board Jharkhand Class 9th Social Science History Solutions chapter- 3- नात्सीवाद और हिटलर का उदय

JAC Board Jharkhand Class 9th Social Science History Solutions chapter- 3- नात्सीवाद और हिटलर का उदय

                भारत और समकालीन विश्व
             नात्सीवाद और हिटलर का उदय
                    बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर
                सही विकल्प का चयन करें-

प्रश्न 1. नॉर्डिक जर्मन आर्य कहाँ के रहने वाले थे ?
(a) जापान,

(b) अमेरिका,

(c) जर्मन,

(d) रूस ।
             उत्तर-(c)

प्रश्न 2. किसी समुदाय को दूसरे समुदाय से अलग रखना कहलाता है-
(a) शिविर,

(b) घेटो,

(c) संलाप गृह,

(d) इनमें कोई नहीं।
                          उत्तर-(b)

प्रश्न 3. धुरी शक्तियाँ किन देशों को कहा गया है ?
(a) अमेरिका, जापान एवं इटली,

(b) जर्मनी, जापान एवं इटली,

(c) तुर्की, जापान, एवं जर्मनी ।

(d) जर्मनी, रूस और जापान ।
                                        उत्तर-(b)

प्रश्न 4. वह स्थिति जब कीमतें बेहिसाब बढ़ जाती है कहलाती है-
(a) अति मुद्रास्फीति,

(b) अति मुद्रा संकुचन,

(c) (a) और (b) दोनों,

(d) इनमें कोई नहीं।
                          उत्तर-(a)

प्रश्न 5. जर्मन मुद्रा को क्या कहा जाता है ?
(a) लिब्रे,

(b) फ्रैंक,

(c) मार्क,

(d) इनमें कोई नहीं।
                           उत्तर-(c)

प्रश्न 6. युद्ध के मोर्चे पर सैनिकों के छिपने के लिए खोदे गए गड्ढे को कहते हैं-
(a) खंदक,

(b) बंकर,

(c) नाला,

(d) इनमें कोई नहीं ।
                            उत्तर-(a)

प्रश्न 7. नाजी यूथ लीग की स्थापना कब हुई ?
(a) 1922 ई०,

(b) 1920 ई०,

(c) 1945 ई०,

(d) इनमें कोई नहीं।
                           उत्तर-(a)

प्रश्न 8. हिटलर कौन था ?
(a) इटली का तानाशाह शासक,

(b) जापान का तानाशाह शासक,

(c) जर्मनी का तानाशाह शासक,

(d) ब्रिटेन का तानाशाह शासक।
                                         उत्तर-(c)

प्रश्न 9. संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना कब हुई ?
(a) 1939 ई०,

(b) 1945 ई०,

(c) 1947 ई०,

(d) 1948 ई०।
                     उत्तर-(b)

प्रश्न 10. इवेक्युएशन से नाजियों का क्या तात्पर्य था ?
(a) गैस-चेम्बरों में मृत्यु,

(b) गैस-चेम्बरों में खेल,

(c) गैस-चेम्बरों में छुपाना,

(d) इनमें कोई नहीं।
                           उत्तर-(a)

प्रश्न 11. किस संधि द्वारा जर्मनी पर कठोर एवं अपमानजनक शर्तें थोप दी गयी ?
(a) वर्साय संधि,

(b) वियना संधि,

(c) पेरिस संधि,

(d) इनमें कोई नहीं।
                          उत्तर-(a)

प्रश्न 12. मई 1945 में अमेरिका ने जापान के किन शहरों पर परमाणु बम गिराये ?
(a) ओसाका और क्योटो,

(b) हिरोशिमा और नागासाकी,

(c) टोकियो और कोबे,

(d) इनमें कोई नहीं।
                          उत्तर- (b)

प्रश्न 13. प्रथम विश्वयुद्ध के बाद मित्र राष्ट्रों ने जर्मनी के किस प्रदेश पर अधिकार किया ?
(a) बर्लिन,

(b) म्यूनिख,

(c) राइन लैंड,

(d) पोलैंड।
               उत्तर-(c)

प्रश्न 14. मित्र राष्ट्र में कौन-कौन से देश थे ?
(a) जर्मनी, इटली, जापान,

(b) ब्रिटेन, जर्मनी, इटली,

(c) ब्रिटेन, फ्राँस, रूस,

(d) फ्राँस, जर्मनी, जापान ।
                                   उत्तर-(c)

प्रश्न 15. प्रथम विश्व युद्ध कब से कब तक हुआ ?
(a) 1916 से 1920,

(b) 1914 से 1918,

(c) 1939 से 1945,

(d) 1912 से 1918.
                          उत्तर-(b)

प्रश्न 16. द्वितीय विश्व युद्ध कब से कब तक हुआ ?
(a) 1939 से 1945,

(b) 1918 से 1939,

(c) 1914 से 1918,

(d) 1940 से 1945.
                          उत्तर-(a)

प्रश्न 17. हिटलर का प्रचार मंत्री कौन था ?
(a) हेलमुट,

(b) ग्योबल्स,

(c) पुतीन,

(d) इनमें कोई नहीं।
                           उत्तर-(b)

प्रश्न 18. इटली में किसने क्रांति लाने की योजना बनाई ?
(a) बिस्मार्क,

(b) कार्ल मार्क्स,

(c) ज्यूसेप माजिनी,

(d) इनमें कोई नहीं।
                          उत्तर- (c)

प्रश्न 19. जर्मनी ने मित्र राष्ट्रों के सामने समर्पण कब किया ?
(a) मई, 1945,

(b) जून, 1943,

(c) अगस्त, 1947,

(d) जनवरी, 1942.
                         उत्तर- (a)

प्रश्न 20. द्वितीय विश्वयुद्ध की शुरुआत जर्मनी द्वारा किस देश में आक्रमण के साथ हुई थी ?
(a) बेल्जियम,

(b) पोलैंड,

(c) ऑस्ट्रिया,

(d) चेकोस्लोवाकिया
                           उत्तर-(b)
          
प्रश्न 21. हिटलर ने जिस विचारधारा को जन्म दिया उसे क्या कहते हैं ?
(a) फासीवाद,

(b) नाजीवाद या नात्सीवाद,

(c) साम्यवाद,

(d) समाजवाद ।
                       उत्तर-(b)

प्रश्न 22. हिटलर ने किस समुदाय पर अमानवीय अत्याचार किया ?
(a) यहूदी,

(b) नीग्रो,

(c) पारसी,

(d) ईसाई ।
               उत्तर - (a)

प्रश्न 23. विश्व का सबसे बड़ा शेयर बाजार कौन है ?
(a) जेनेवा,

(b) वॉल स्ट्रीट,

(c) शंघाई,

(d) इनमें कोई नहीं।
                           उत्तर-(b)

प्रश्न 24. हिटलर की सेनाओं ने पोलैंड पर कब आक्रमण किया ?
(a) मई, 1939,

(b) अगस्त, 1939,

(c) सितम्बर, 1939,

(d) अक्टूबर, 1939.
                           उत्तर-(c)

प्रश्न 25. जर्मन संसद को क्या कहा जाता है ?
(a) कांग्रेस,

(b) राइख स्टाग,

(c) संसद,

(d) नेशनल असेम्बली ।
                               
               उत्तर-(b)

प्रश्न 26. एडॉल्फ हिटलर का जन्म कहाँ हुआ था ?
(a) आस्ट्रिया,

(b) जर्मनी,

(c) रूस,

(d) फ्रांस ।
              उत्तर-(a)

प्रश्न 27. 'नाजी पार्टी की स्थापना कब हुई ?
(a) 1918 ई०

(b) 1920 ई०,

(c) 1922 ई०

(d) 1950 ई०।
                    उत्तर-(b)

प्रश्न 28. ‘हिटलर’ अपने राज्य के नागरिकों में से किसे सबसे महत्त्वपूर्ण नागरिक मानता था ?
(a) पिता,

(b) माँ,

(c) भाई,

(d) बहन ।
              उत्तर-(b)

प्रश्न 29. वाइमर गणराज्य की स्थापना कब हुई ?
(a) 01 सितम्बर, 1918,

(b) 09 नवम्बर, 1918,

(c) 20 अगस्त, 1918,

(d) 30 अक्टूबर, 1918.
                              उत्तर-(b)

                      अतिलघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर 

प्रश्न 1. प्रोपेगैंडा से क्या समझते हैं ?
उत्तर- जनमत को प्रभावित करने के लिए किया जाने वाला एक खास तरह का प्रचार (पोस्टरों, फिल्मों और भाषणों आदि के माध्यम से) को प्रोपेगैंडा कहते हैं।

प्रश्न 2. यातना शिविर या यातना गृह (कसन्ट्रेशन कैंप) का क्या अर्थ है ?
उत्तर- विरोधी लोगों को, बिना कोई मुकदमा चलाए, ऐसे बड़े कैदी-कैम्प में रखना जो ऐसी लोहे की तारों से सुरक्षित हो जिसमें बिजली दौड़ रही हो।

प्रश्न 3. नार्डिक जर्मन आर्य कौन है ?
उत्तर- आर्य बताए जाने वालों की एक शाखा को नार्डिक जर्मन आर्य कहते है। ये लोग उत्तरी यूरोपीय देशों में रहते थे और जर्मन या मिलते-जुलते मूल के लोग थे

प्रश्न 4. जिप्सी क्या थी ?
उत्तर- 'जिप्सी' के नाम से श्रेणीबद्ध किए गए समूहों की अपनी सामुदायिक पहचान थी। सिन्ती और रोमा ऐसे ही दो समुदाय थे।

प्रश्न 5. घेटो से क्या समझते हैं ?
उत्तर- किसी समुदाय को दूसरे समुदाय से अलग-थलग करके रखना घेटो कहलाता है.

प्रश्न 6. न्यूरेमबर्ग में अंतर्राष्ट्रीय सैनिक अदालत क्यों स्थापित की गई ?
उत्तर- यह अदालत इसलिए स्थापित की गई ताकि नाजी युद्ध के लिये दोषी लोगों पर मानवता के विरुद्ध किए गए कार्यों के कारण मुकदमें चलाए जाएँ।

प्रश्न 7. द्वितीय विश्व युद्ध में मित्र राष्ट्र किन देशों को कहा जाता था ?
उत्तर- इंग्लैंड, फ्रॉस और रूस को।

प्रश्न 8. नवम्बर के अपराधी किसे कहा जाता है ?
उत्तर- समाजवादी कैथोलिक तथा डेमोक्रेट आदि लोग जिन्होंने वाइमर रिपब्लिकन का साथ दिया।

प्रश्न 9. अति-मुद्रास्फीति से आपका क्या तात्पर्य है ?
उत्तर- जब वस्तुओं का मूल्य एकदम बढ़ जाए तब ऐसी अवस्था को अति-मुद्रास्फीति कहा जाता है।

प्रश्न 10. सर्वहाराकरण का क्या अर्थ है ?
उत्तर- इसका अर्थ है कि निर्धनता का उस निम्न स्तर पर पहुँच जाना जिसमें प्रायः कामगार लोग होते हैं।

प्रश्न 11. नाजी यूथ लीग की स्थापना कब हुई और चार वर्ष के पश्चात् इसका नया नाम क्या रखा गया ?
उत्तर- इसकी स्थापना 1922 ई० में की गई और चार वर्ष पश्चात् इसका नाम बदलकर 'हिटलर यूथ' रख दिया गया।

प्रश्न 12. राष्ट्रीय समाजवाद क्या है ?
उत्तर- नाजियों के अनुसार यह बड़े पूँजीवाद या अमेरिकी अर्थ-व्यवस्था से एक ओर, और दूसरी ओर मार्क्स की अर्थ-व्यवस्था या बोल्शेविज्म से बहुत भिन्न है।

प्रश्न 13. 'धुरी शक्तियों' से क्या अभिप्राय है ?
उत्तर- द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान मित्र राष्ट्रों के विरुद्ध जर्मनी, जापान व इटली के गुट को 'धुरी शक्तियाँ' कहा गया।

प्रश्न 14. महात्मा गाँधी ने एडोल्फ हिटलर को क्या नसीहत दी ?
उत्तर- हमें अहिंसा के रूप में एक ऐसी शक्ति प्राप्त हो गई है जिसे यदि संगठित कर लिया जाए तो वह संसार भर की सभी प्रबलतम हिंसात्मक शक्ति के गठजोड़ का मुकाबला कर सकती है।

प्रश्न 15. एडोल्फ हिटलर की दो राजनीतिक महत्त्वाकांक्षाएँ बताएँ।
उत्तर- (क) एडोल्फ हिटलर अपने देश जर्मनी को विश्व की एक बड़ी ताकत बनाना चाहता था।

(ख) उसकी यह भी महत्त्वाकांक्षाएँ थी कि सम्पूर्ण यूरोप को जीत लिया जाए।

प्रश्न 16. वे कौन-से दो मुख्य कारण थे जिनकी वजह से जर्मनी में हिटलर का सत्ता प्राप्ति तक उदय हुआ था ?
उत्तर- (क) जर्मनी की प्रथम विश्व युद्ध में हार हुई थी। बदले की भावना ने जर्मनी के लोगों को उकसाया। इसका प्रयोग हिटलर ने स्वयं के उदय के लिए किया.

(ख) जर्मनी के लोग साम्यवाद के प्रतिकूल थे, इसलिए वे किसी भी ऐसी सरकार के पक्षधर थे जो साम्यवाद विरोधी हो ।

प्रश्न 17. उन देशों के नाम बताएँ जिन पर 1937 एवं 1939 के मध्य जर्मनी ने अधिकार स्थापित कर लिए था।
उत्तर- जर्मनी ने मार्च 1936 में राइसलैंड पर अधिकार कर लिया था। मार्च 1938 में आस्ट्रिया पर, सितंबर 1938 सुडेंटनलैंड (चेकोस्लोवालिया का एक भाग) पर, मार्च 1939 में चेकोस्लोवाकिया तथा सितंबर 1939 में पोलैंड पर अधिकार कर लिया था।

प्रश्न 18. नाजी आंदोलन अथवा नाजीवाद से क्या अभिप्राय है ?
उत्तर- नाजी आंदोलन अथवा नाजीवाद एक उग्र तानाशाही आंदोलन था, जिसका नेता हिटलर था। यह आंदोलन जर्मनी में चला और हिटलर जर्मनी का निरंकुश शासक बन गया। नाजीवाद लोकतंत्र के बिल्कुल विपरीत था और सभी प्रकार के संसदीय संस्थानों को समाप्त करने के पक्ष में था। नाजीवाद ने एक दल और नेता' के सिद्धांत पर बल दिया।

प्रश्न 19. म्यूनिख समझौते को तोड़ते हुए हिटलर को सुडेंटनलैंड पर अधिकार की क्यों प्रेरणा मिली ?
उत्तर- (क) चेकोस्लोवाकिया के इस प्रदेश में नए ढंग के भारी उद्योग लगे हुए थे।

(ख) सोवियत संघ की ओर जर्मन विस्तार की दृष्टि से यह प्रदेश जर्मनी के लिए युद्ध दृष्टि से महत्त्वपूर्ण था।

(ग) इसमें लगभग 30 लाख जर्मन लोग रहते थे। इसमें विश्व के सबसे बड़े युद्ध सामग्री के कारखाने थे।

प्रश्न 20. जर्मनी में नाजीवाद के उदय के क्या कारण थे ?
उत्तर- (क) प्रथम विश्व युद्ध में जर्मनी की हार के कारण वहाँ की सरकार बहुत कमजोर हो गई थी और लोगों में असंतोष फैला हुआ था।

(ख) जर्मनी के लोग साम्यवाद के बढ़ते प्रभाव से बहुत भयभीत थे और किसी साम्यवाद विरोधी सरकार की स्थापना के पक्ष में थे। 
                                      अतः वे हिटलर को सत्ता में लाना चाहते थे।

प्रश्न 21. कब और किसके द्वारा म्यूनिख समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे ?
उत्तर- म्यूनिख समझौते पर 1938 में हस्ताक्षर किए गए थे। 
इसमें एक तरफ तो ब्रिटेन और फ्राँस के प्रधानमंत्रियों ने तो दूसरी ओर जर्मनी तथा इटली के तानाशाहों ने हस्ताक्षर किए थे।

प्रश्न 22. दूसरे विश्व युद्ध का जर्मनी पर पड़े दो मुख्य प्रभाव लिखें।
उत्तर- दूसरे विश्व युद्ध का जर्मनी पर पड़ने वाले दो प्रमुख प्रभाव निम्नांकित हूँ-

(क) दूसरे विश्व युद्ध के परिणामस्वरूप जर्मनी पर चार विजयी शक्तियों अर्थात सोवियत संघ, अमेरिका, ब्रिटेन तथा फ्राँस का अधिकार हो गया।

(ख) पुनर्निर्माण के लिए बड़े पैमाने पर सहायता योजना बनाई गई।

प्रश्न 23. हिटलर की 'नेशनल सोशलिस्ट पार्टी का नया नाम क्या था ?
उत्तर- नात्सी पार्टी।

प्रश्न 24. हिटलर की गुप्तचर संस्था का क्या नाम था ?
उत्तर- गेस्तापो ।

प्रश्न 25. अमेरिका कब मित्र राष्ट्रों में शामिल हुआ ?
उत्तर-1917 ई० में।

प्रश्न 26. अमेरिका और रूस कब मित्र राष्ट्रों के साथ युद्ध में शामिल हुए ?
उत्तर- 1941 में।

प्रश्न 27. जर्मनी में वाइमर गणराज्य के हिमायती लोगों को क्या कहा जाता था ?
उत्तर- नवंबर का अपराधी ।

प्रश्न 28. वाइमर गणतंत्र को किस संधि पर हस्ताक्षर करने पड़े ?
उत्तर- वर्साय की संधि पर

प्रश्न 29. वॉल स्ट्रीट एक्सचेंज क्या है ?
उत्तर- अमेरिकी शेयर बाजार।

प्रश्न 30. राइखस्टैग (Reichstag) क्या था ?
उत्तर- जर्मनी की संसद ।

प्रश्न 31. हिटलर जर्मनी का चांसलर कब बना ?
उत्तर- 1933

प्रश्न 32. हिटलर का जन्म 1889 में कहाँ हुआ था ?
उत्तर- आस्ट्रिया ।

प्रश्न 33. हिटलर ने कब आस्ट्रिया को जर्मनी में मिला लिया ?
उत्तर- 1938

प्रश्न 34. हिटलर की 'ऐतिहासिक बेवकूफी' क्या थी ?
उत्तर- 1941 में सोवियत संघ पर आक्रमण ।

प्रश्न 35. प्रथम विश्वयुद्ध के बाद जर्मनी में किस गणराज्य का जन्म हुआ ?
उत्तर- वाइमर गणराज्य का।

प्रश्न 36. अपराध नियंत्रण पुलिस का क्या नाम था ?
उत्तर- एसएस।

प्रश्न 37. 1945 में जापान ने अमेरिका में कहाँ बमबारी की ?
उत्तर- पर्ल हार्बर ।

प्रश्न 38. किस देश ने द्वितीय विश्वयुद्ध में परमाणु बम का प्रयोग किया?
उत्तर- अमेरिका ने।

प्रश्न 39. नात्सी पार्टी किस विचारधारा के पोषक थे ?
उत्तर- नस्लवादी वर्चस्व ।

प्रश्न 40. द्वितीय विश्वयुद्ध किन दो गुटों (शक्तियों) के बीच हुआ ?
उत्तर- 'मित्र' राष्ट्र एवं 'धुरी' शक्तियों के बीच।

प्रश्न 41. जर्मनी को हरजाने के रूप में कितना धन देना पड़ा ?
उत्तर- 6 अरब पौंड।

प्रश्न 42. 10-14 वर्ष के बच्चों का नात्सी युवा संगठन क्या था ?
उत्तर- युंगफोक ।

प्रश्न 43. पूरे विश्व में महामंदी कब हुई ?
उत्तर- 1929-1932

प्रश्न 44. आर्थिक महामंदी कब शुरू हुई ?
उत्तर- 1929 ई० में।

प्रश्न 45. ऐसे जगह जहाँ बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के लोगों को कैद कर यातनाएँ दी जाती थीं, क्या कहा जाता था ?
उत्तर- कंसनट्रेशन कैम्प ।

                            लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर 

प्रश्न 1. 1930 तक आते-आते जर्मनी में नात्सीवाद को लोकप्रियता क्यों मिलने लगी ? वर्णन करें।
उत्तर- वाइमर गणराज्य के असफल होने के बाद जर्मनी में एक राजनीतिक शून्यता की स्थिति थी। 1932 में हुए चुनाव में 32% मत प्राप्त कर नात्सी पार्टी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर कर सामने आई। इसने लोकतंत्र के बाद की शून्यता को, जनता का समर्थन प्राप्त कर भर दिया। यह नात्सी प्रचार तथा हिटलर के नारे का प्रभाव था। उसने एक शक्तिशाली, समृद्ध तथा खुशहाल जर्मनी का सपना देखा। उसने सोचा कि इस सपने को जनता की सहभागिता के बिना पूरा करना संभव नहीं है। फलतः, उसने सफलतापूर्वक लोगों की भीड़ इकट्ठी करनी शुरू कर दी। वह बड़ी चतुराई से अपने राजनीतिक विरोधियों का खात्मा करने लगा। हिटलर यूथ, जर्मन युवाओं को सेना में भर्ती होने का आह्वान तथा प्रजातीय विभेदीकरण जैसी नीतियों को त्वरित जनसमर्थन प्राप्त हुआ। हिटलर जनता की इच्छा को समझने में माहिर था। यह वही जनता थी जिसके आत्मसम्मान को युद्ध में पराजय तथा वर्साय की अपमानजनक संधि से गहरा धक्का लगा था। हिटलर ने लोगों को उनका आत्मसम्मान 
लौटाने का वादा किया। यह राजनीतिक आर्थिक संकट का दौर था जिसमें हिटलर के छद्म नारों ने अपना काम किया तथा जर्मनी में नात्सीवाद लोकप्रिय हो गया ।

प्रश्न 2. नाजी समाज में औरतों की क्या भूमिका थी ?
उत्तर- नाजी समाज में औरतों की भूमिका-

(क) जर्मनी में बच्चों को बार-बार बताया जाता था कि पुरुषों एवं महिलाओं में बड़ा भारी अंतर हैं लोकतंत्रीय समाजों में आदमियों तथा औरतों में समानता के लिए जो संघर्ष चल रहे हैं वे पूरी तरह से गलत हैं और अगर उसे मान लिया जाता है या उसे लागू कर दिया जाता है तो इससे समाज (अर्थात् जर्मन समाज) पूरी तरह बर्बाद हो जायेगा।

(ख) नाजी जर्मनी में जहाँ एक ओर लड़कों को कहा जाता था कि वे दिल दिमाग एवं शरीर से कठोर हृदय, बहुत ही बलवान तथा कठोर बनें। वहीं लड़कियों को कहा जाता था कि वे उदार हृदय माँ तथा केवल शुद्ध जर्मन आर्यों का ही गर्भ धारण करके केवल शुद्ध जर्मन नस्ल के बच्चों की ही मो बनें। लड़कियाँ ही जर्मन जाति की शुद्धता को बनाये रख सकती हैं। ये स्वयं ही यहूदियों से दूर रहें, घर की देखभाल करें तथा वे घरों पर रह कर हर समय नाजी मूल्यों की ही शिक्षा-दीक्षा अपने बच्चों को देती रहे। उन्हें ही आर्य संस्कृति एवं जाति को आगे लेकर चलने वाली बनना है।

(ग) जो भी महिलाएँ घोषित व्यवहार के नियमों के रास्ते से भटक जाती थीं. उन्हें सार्वजनिक तौर पर अपमानित किया जाता था तथा उन्हें बड़ी कठोर सजाएँ दी जाती थीं। जो भी महिलाएँ, यहूदियों, पोलों तथा रूसियों से संबंध रखती थीं, उनके सिर मुंडवाकर चेहरे पर कालिख पोत कर और गलों में इस तरह की तख्तियाँ लटकाकर जिन पर लिखा होता था कि "मैने देश के सम्मान को समाप्त किया है।" अनेक औरतों को जेल खानों में भेज दिया जाता था जहाँ उन्हें कठोर यातनायें दी जाती थीं। इस फौजदारी गुनाह के लिए अनेक औरतों को अपने परिवारों अपने पतियों तथा सामाजिक सम्मान 
को खोना पड़ता था।

प्रश्न 3. जर्मनी में नाजीवाद की विजय के प्रमुख प्रभाव क्या थे ?
उत्तर- जर्मनी में नाजीवाद की विजय के प्रमुख प्रभाव या परिणाम इस प्रकार थे-
(क) जर्मनी में नाजीवाद की विजय का परिणाम यह हुआ कि वहाँ की सत्ता हिटलर के हाथ में आ गई और उसने सैनिक शक्ति को बहुत तेजी से बढ़ावा दिया।

(ख) जर्मनी के लोग प्रथम विश्व युद्ध अपने अपमान का बदला लेने के लिए युद्ध की तैयारियों करने लगे और विनाशकारी शस्त्र बनाने लगे। परिणामस्वरूप अन्य देशों में भी शस्त्र की होड़ लग गई, अतः दूसरे विश्व युद्ध की भूमिका तैयार हो गई।

प्रश्न 4. हिटलर ने औपचारिक तौर पर वर्साय की संधि को तोड़ने की घोषणा कब की थी ? इसके लिए उसने क्या कारण दिया था ?
उत्तर- मार्च, 1935 में हिटलर ने औपचारिक रूप से वर्साय संधि को तोड़ने की घोषणा की थी।

इसके लिए हिटलर ने निम्न कारण दिए थे-
(क) हिटलर ने घोषित किया कि वर्साय की संधि को जर्मनी पर जबरदस्ती युद्ध का डर दिखाकर थोपा गया था तथा उसे अपमानित करके अन्य यूरोपीय देशों से नीचा दिखाया गया था। इसलिए वह जर्मनी को अन्य सभी यूरोपीय देशों के बराबर लाकर समान राष्ट्र सम्मान दिला रहा है।

(ख) चूँकि अन्य यूरोपीय देशों ने स्वयं तो निशस्त्रीकरण की नीति का अनुसरण नहीं किया इसलिए जर्मनी द्वारा अपने को शस्त्रीकरण (या हथियारबद्ध) करना अनिवार्य ही है।

प्रश्न 5. वाइमर गणतंत्र के जन्म पर एक लघु टिप्पणी लिखें।
उत्तर- (क) जर्मनी, केन्द्रीय शक्तियों के साथ प्रथम विश्व युद्ध में नवंबर 1918 में मित्र गुट (अलाइड पावर्स) से पराजित हुआ। शाही जर्मनी की इस पराजय ने संसदीय राजनीतिक दलों को जर्मनी की राजनीति का पुनः रूपान्तरण करने का अवसर प्रदान किया।

(ख) एक राष्ट्रीय सभा वाइमर में मिली तथा संसदीय संविधान की स्थापना की जिसमें संघीय ढाँचा अपनाया गया। रीचस्टाग या जर्मन संसद में उप-प्रधान चुने जाते थे। इसका गठन सर्वव्यापक वयस्क मताधिकार के आधार पर (जिसमें महिलाएँ भी शामिल थीं) किया गया था।

प्रश्न 6. द्वितीय विश्व युद्ध छिड़ने के बाद एक वर्ष के समय में ही जर्मनी विश्व सर्वोच्च शक्ति कैसे बन गया ?
उत्तर- (क) जर्मनी द्वितीय विश्व युद्ध छिड़ने के बाद 1 सितंबर 1939, तक ही पोलैंड, नार्वे, डेनमार्क, बेल्जियम, हालैंड आदि पर अधिकार करके एक बड़ी शक्ति बन गया। उसने नीदरलैंड तथा अंततः फ्राँस पर भी कब्जा कर लिया।

(ख) युद्ध कौशल एवं प्रबल छल-कपट उसकी शक्ति की सर्वोच्च की प्राप्ति और विजय के प्रमुख कारण थे।

प्रश्न 7. नाजी आंदोलन की मुख्य विशेषताएँ क्या थीं ?
उत्तर- नाजीवादी आंदोलन की मुख्य विशेषताएँ निम्नांकित हैं-

(क) नाजीवाद हर तरह की संसदीय एवं लोकतंत्रीय संस्थाओं का विरोधी था। वह एक ही नेता के शासन में विश्वास रखता था ।

(ख) नाजी दल शक्ति के प्रयोग में यकीन करता था। इसने जर्मन यहूदियों का विरोध किया जो जर्मनी के लोगों की दयनीय आर्थिक स्थिति के लिए जिम्मेदार थे।

(ग) यह जर्मन की सैन्य शक्ति बढ़ाने का पक्षधर था तथा जर्मनी का वर्चस्व वह पूरे विश्व में फैलाना चाहता था।

(घ) यह शान्ति की बजाये युद्ध में अधिक विश्वास करता था। इसलिए जर्मनी की सेना आठ गुणा बढ़ा दी गई।

प्रश्न 8. ब्रिटेन की लड़ाई से आपका क्या तात्पर्य है ? समझाएँ ।
उत्तर- फ्राँस के पतन के बाद यूरोप में ब्रिटेन एकमात्र प्रमुख शक्ति के रूप में बचा रह गया। जर्मनी का सोचना यह था कि चूंकि ब्रिटेन के पास यूरोप में कोई सहयोगी नहीं बचा था, अतः वह शीघ्र ही आत्मसमर्पण कर देगा। जर्मन वायुसेना ने अगस्त 1940 में ब्रिटेन पर हवाई हमले शुरू कर दिए, ताकि उसे डरा-धमकाकर आत्मसमर्पण कराया जा सके। इस लड़ाई को ब्रिटेन की लड़ाई कहते हैं।
   हवाई हमलों से बचाव के लिए ब्रिटेन की रायल एयर फोर्स ने बहादुरी की भूमिका निभाई और बदले में जर्मन क्षेत्रों पर भी हवाई हमले किए। प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल के नेतृत्व में ब्रिटेन की जनता ने साहस और दृढ़ता से जर्मन हमलों का सामना किया।

प्रश्न 9. नाजीवाद के प्रमुख सिद्धान्त कौन-कौन से थे ?
उत्तर- नाजीवाद के प्रमुख सिद्धान्त निम्नांकित थे-

(क) शासन तानाशाही होना चाहिए। इस प्रकार के शासन का विरोध करने वालों के साथ कठोरता का व्यवहार किया जाएगा।

(ख) राष्ट्र की सुरक्षा के लिए युद्धों व उग्र राष्ट्रीयता की नीति का पालन करना आवश्यक है।

(ग) जर्मन जाति विश्व की सर्वोत्तम जाति है अतः पूरे विश्व पर उसी का अधिकार होना चाहिए।

प्रश्न 10. जर्मनी की विदेश नीति के लिए जर्मनी में नाजीवाद की जीत के परिणामों को स्पष्ट करें।
उत्तर- (क) जर्मनी की विदेश नीति का उद्देश्य विजेता देशों से बदला लेने संबंधी दृष्टिकोण बन गया।

(ख) सैन्यवाद, उपनिवेशवाद, विस्तारवाद, साम्राज्यवाद अब हिटलर के नेतृत्व में जर्मनी की विदेश नीति के उद्देश्य बन गए।

(ग) 1914-1918 के युद्ध में खोयी गई जर्मनी की प्रतिष्ठा को फिर से वापस प्राप्त करना इसका उद्देश्य बना।

(घ) जर्मनी ने अंतर्राष्ट्रीयवाद का विरोध किया। विश्व शांति का विरोध करते हुए युद्ध करते हुए युद्ध में विश्वास जताया और जर्मन साम्राज्य के विस्तार का प्रयास किया जाने लगा।

                           दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर 

प्रश्न 1. वाइमर गणराज्य के सामने क्या समस्याएँ थीं ?
उत्तर- वाइमर गणराज्य के द्वारा जिन समस्याओं का सामना करना पड़ा था वे निम्नांकित थीं-
(क) गणराज्य के सामने सबसे बड़ी समस्या वर्साय की संधि थी इसी संधि के कारण (जब उसने विवश होकर हस्ताक्षर कर दिए थे) ही इसकी जनता (अर्थात् जर्मन लोगों ने उसे अच्छी सरकार नहीं समझा। इसका कारण यह था कि युद्ध को शुरू करने के लिए केवल विजित शक्तियों ने जर्मनी को ही उत्तरदायी ठहराया तथा जर्मनी को प्रथम विश्व युद्ध में हार को स्वीकार करने के लिए मजबूर किया।

(ख) जर्मनी के लोगों ने वर्साय की संधि का विरोध किया क्योंकि इसमें न केवल कठोर एवं हानिकारक शर्तें लादी गई थीं अपितु ये सारे देश में अपमानजनक तरीके से थोपी भी गई थीं। जर्मनी के प्रतिनिधियों पर व्यंग्य कसे गये थे, विशेषकर जर्मनी के पुराने शत्रु फ्राँस द्वारा।

(ग) जर्मनी को प्रथम विश्व युद्ध के लिए उत्तरदायी ठहराया गया था। जर्मनी ने अपने समुद्र पार सभी उपनिवेश, लगभग 1/10 भाग जनसंख्या, 13 प्रतिशत अपना भू-भाग, 75 प्रतिशत इस्पात-लौह खोया एवं 26 प्रतिशत अपना कोयला भी फ्राँस, पोलैंड, डेनमार्क एवं लिथुआनिआ को दिया।

(घ) मित्र राष्ट्रों ने जर्मनी को कमजोर करने के लिए इसका असैन्यकरण किया।

(ङ) युद्ध अपराध धारा ने जर्मनी को युद्ध के लिए जिम्मेदार ठहराने के साथ-साथ उस समस्त नुकसान के लिए भी उत्तरदायी ठहराया, जो मित्र राष्ट्रों ने उठाया था। जर्मनी को युद्ध क्षति भुगतान करने के लिए विवश किया। यह रकम लगभग 6 बिलियन (अरब) पौण्ड थी। मित्र राष्ट्रों की सेनाओं ने 1920 के दशक से राइनलैंड के समृद्ध संसाधनों पर भी अधिकार कर लिया।

(च) अनेक जर्मन लोगों ने अपने वाइमर गणराज्य को न केवल जर्मनी की पराजय के लिए अपितु अपमानजनक वर्साय की संधि को स्वीकार करने के लिए भी उत्तरदायी ठहराया।

(छ) दुर्भाग्यवश नाबालिग वाइमर गणतंत्र को पुराने राजतंत्र के द्वारा किए गए गुनाहों के भुगतान के लिए भी विवश किया जा रहा था। गणतंत्रीय सरकार को प्रथम विश्व युद्ध को जारी रखने के पाप के लिए, राष्ट्रीय अपमान एवं युद्ध क्षति की पूर्ति करते हुए आर्थिक रूप से जर्मनी को दिवालिया करने के लिए जिम्मेदार ठहराया।

प्रश्न 2. नात्सी सोच के खास पहलू कौन-से थे ? वर्णन करें।
उत्तर- प्रथम विश्व युद्ध के पश्चात् जर्मनी से वर्साय की सन्धि द्वारा जो कठोर और अपमानजनक व्यवहार किया गया उसका यह परिणाम हुआ कि जर्मनी में नाजीवादी नाम से एक तानाशाही राज्य स्थापित हो गया।

नाजीदल की मुख्य विशेषताएँ या मुख्य विचार या मुख्य सिद्धान्त - प्रथम विश्व युद्ध के पश्चात् जर्मनी में हिटलर के नेतृत्व का आरम्भ हुआ। इस आंदोलन के मुख्य सिद्धान्त निम्नांकित थे-

(क) राज्य सबसे ऊपर है। नाजीवाद के अनुसार, "लोग राज्य के लिए हैं न कि राज्य लोगों के लिए।

(ख) नाजीवादी सभी प्रकार की संसदीय संस्थाओं को समाप्त करने के पक्ष में था और एक महान् नेता के नेतृत्व की सराहना करता था।

(ग) यह युद्ध को उचित ठहराता था और शक्ति के प्रयोग की सराहना करता था।

(घ) यह उदारवाद, समाजवाद और साम्यवाद को जड़ से उखाड़ फेंकना चाहता था।

(ङ) यह जर्मनी में यहूदी लोगों को बिल्कुल मिटा देने के पक्ष में था, क्योंकि वे ही जर्मन के लोगों की आर्थिक मुसीबतों के कारण थे।

(च) यह हर विरोध को समाप्त कर देना चाहता था और हर प्रकार के दल-संगठन के विरुद्ध था। 

(छ) नाजीवाद जर्मनी साम्राज्य का विस्तार करना चाहता था और उन सभी बस्तियों को वापस लेना चाहता था, जो प्रथम विश्व युद्ध से पहले जर्मनी के अधीन थीं।

(ज) नाजीवाद जर्मनी की सैनिक शक्ति को बढ़ाना चाहता था और उसे विश्व की महान् शक्ति के रूप में देखना चाहता था।

प्रश्न 3. नात्सियों का प्रोपेगैंडा यहूदियों के खिलाफ नफरत पैदा करने में इतना असरदार कैसे रहा ?
उत्तर- 1933 में जर्मनी में शक्ति पकड़ने के पश्चात् शीघ्र ही हिटलर ने यहूदियों के विरुद्ध सर्वत्र घृणा का प्रचार करना शुरू कर दिया और इस उद्देश्य में उसे काफी सफलता भी प्राप्त हुई। उसकी इस सफलता के लिये अनेक कारण उत्तरदायी थे जिनमें से कुछ मुख्य निम्नांकित हैं-

(क) अपनी सभी कठिनाईयों के लिये, जो जर्मनी को लोगों की प्रथम विश्व युद्ध के बाद सहनी पड़ी, उन्होंने वाइमर गणतंत्र को उत्तरदायी ठहराया क्योंकि, उन्होंने मित्र राष्ट्रों से होने वाली कठोर और अपमानजनक सन्धि पर हस्ताक्षर किये थे। सारी जर्मन जाति ने ऐसा महसूस करना शुरू कर दिया
जैसे कोई उनका जानबूझ कर निरादर कर रहा है। चारों तरफ अशान्ति, निरादर और बेकारी का बोलबाला था। जब हिटलर ने 1933 ई० में वाइमर गणतंत्र से छुटकारा पाया तो लोगों ने चैन की सांस ली। लोगों की नजरों में हिटलर का आदर बहुत बढ़ गया और देखते ही देखते वह लोगों का मसीहा बन गया। यदि उसने हाँ कहा तो सारे जर्मन लोग हाँ कहने लगे और यदि उसने न कहा तो सभी न कहने लगे यदि उसने यह कहना शुरू कर दिया कि यहूदी बुरे हैं तो बस सबने यही कहना शुरू कर दिया कि वे बुरे हैं। इस प्रकार हिटलर के व्यक्तित्व ने ऐसा करिश्मा कर दिया कि उसका यहूदियों के विरुद्ध प्रचार सफल होता चला गया।

(ख) नाजियों विशेषकर हिटलर ने ईसाइसों की यहूदियों के विरुद्ध परम्परागत घृणा का खूब लाभ उठाया। ईसाई पहले ही यहूदियों को ईसा मसीह की मृत्यु के लिये उत्तरदायी मानते थे, इसलिए यहूदियों के विरुद्ध हिटलर की घृणा की विचारधारा सफल होती चली गई।

(ग) नाजी लोग (या हिटलर) की इस धारणा ने कि जर्मन लोग उच्च आर्य जाति से सम्बन्ध रखते हैं जबकि यहूदी लोग निम्न जाति के हैं, इस आपसी अंतर को और भी बढ़ा दिया। इसलिए जब यहूदियों को हज़ारों की मात्रा में गैस-चैम्बरों में मारा जाने लगा तो जन-साधारण बिल्कुल चुप रहे।

(घ) नाजी लोगों ने यहूदियों के प्रति घृणा की भावना का प्रचार स्कूल के छोटे-छोटे बच्चों से ही करना शुरू कर दिया। ऐसे में बड़े होकर वे स्वयं इस घृणित सिद्धान्त के प्रचारक बन गए। स्कूलों में यहूदी अध्यापकों को बर्खास्त कर दिया गया और यहूदी बच्चों को भी जबरन निकाल दिया गया। इस शुद्धिकरण की नीति और नई पीढ़ी को यहूदियों के विरुद्ध बचपन से ही तैयार करने की नीति का यह परिणाम निकला कि लोग अपने-आप यहूदियों से घृणा करने लगे।

प्रश्न 4. नात्सियों ने जनता पर पूरा नियंत्रण हासिल करने के लिए कौन-कौन से तरीके अपनाए ?
उत्तर- नात्सी सरकार ने जनता पर पूरा नियंत्रण हासिल करने के लिए निम्नांकित तरीके अपनाए-

(क) युवाओं का विचार परिवर्तन- उनकी बाल्यावस्था से ही नात्सी सरकार ने बच्चों के मन-मस्तिष्क पर कब्जा कर लिया। जैसे-जैसे वे बड़े होते गये उन्हें वैचारिक प्रशिक्षण द्वारा नात्सीवाद की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।

(ख) स्कूली बच्चों का विचार परिवर्तन- नात्सी सरकार ने अपनी विचारधारा नए पाठ्यक्रम के अनुरूप पुस्तकें तैयार करवाईं। कई युवा चित्रकारिता कार्यक्रम बनाये गये। इन सबके द्वारा उन्हें नम्रता तथा कृतज्ञता का पाठ पढ़ाया गया। उनसे कहा जाता था कि वे यहूदियों से घृणा तथा हिटलर की पूजा करें।

(ग) खेल गतिविधियाँ- उन सभी खेल गतिविधियों (खासकर बॉक्सिंग) को प्रोत्साहित किया गया जो बच्चों में हिंसा तथा आक्रामकता की भावना पैदा करती थीं।

(घ) लड़कियों का विचार परिवर्तन लड़कियों को शिक्षा दी जाती थी कि उन्हें अच्छी माँ बनना था तथा शुद्ध रक्त वाले आर्य बच्चों का लालन-पालन करना था।

(ङ) औरतों के बीच भेदभाव- औरतों के बीच उनके बच्चों के आधार पर भेदभाव किया जाता था। एक अवांछित बच्चे की माँ होने पर औरतों को दंडित किया जाता था तथा जेल में कैद कर दिया जाता था। किंतु, बच्चे के शुद्ध आर्य प्रजाति का होने पर औरतों को सम्मानित किया जाता था तथा ईनाम दिया जाता था.

(च) आर्यों के आर्थिक हितों की रक्षा- आर्य प्रजाति के लोगों के लिए आर्थिक अवसरों की भरमार थी। उन्हें रोजगार दिया जाता था, उनके व्यापार को सुरक्षा दी जाती थी तथा सरकार की तरफ से उन्हें हर संभव सहायता दी जाती थी।

(छ) नात्सी प्रचार- जनता पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करने में नात्सियों द्वारा विशेष पूर्वनियोजित प्रचार का सर्वाधिक योगदान था ।

(ज) नात्सियों ने आबादी के विभिन्न हिस्से को अपील करने का हर संभव प्रयास किया। उन्होंने इस आधार पर उनका समर्थन प्राप्त करने का प्रयास किया कि केवल नात्सी ही उनकी हर समस्या का हल ढूँढ सकते थे।

प्रश्न 5. सोवियत संघ पर जर्मनी के आक्रमण का संक्षिप्त विवरण दें। इस लड़ाई का अंतर्राष्ट्रीय वातावरण पर क्या उल्लेखनीय प्रभाव पड़ा ?
उत्तर- सोवियत संघ पर जर्मनी का हमला- ब्रिटेन को छोड़ लगभग पूरे यूरोप को जीतने के बाद जर्मनी ने 22 जून 1941 को आक्रमण संधि के बावजूद सोवियत संघ पर हमला कर दिया। जैसा कि कहा जा चुका है, सोवियत संघ के विशाल क्षेत्र और संसाधनों पर हिटलर की निगाहें हमेशा से गड़ी थीं। उसने सोचा कि आठ सप्ताह में सोवियत संघ का वह विनाश कर देगा। सोवियत संघ के साथ
इस युद्ध के आरंभिक दौर में जर्मनी को महत्त्वपूर्ण सफलताएँ मिलीं। जर्मनों ने सोवियत संघ का काफी बड़ा भाग तबाह कर डाला, लेनिनग्राद पर घेरा डाल दिया गया और जर्मन सेनाएँ मास्को की ओर बढ़ने लगी परंतु जर्मनी की आरंभिक सफलताओं के बाद उसके आक्रमण को रोक दिया गया। सोवियत संघ तब तक पर्याप्त औद्योगिक और सैनिक शक्ति प्राप्त कर चुका था। उसने जर्मन हमले का बहादुरी से सामना किया और जर्मनी की शीघ्र विजय पाने की आशा पर पानी फिर गया।

प्रभाव- सोवियत संघ पर जर्मन हमले ने युद्ध के क्षेत्र को काफी विस्तृत बना दिया। लड़ाई का एक नया मोर्चा खुल गया। इसके बाद एक महत्त्वपूर्ण घटना यह हुई कि हमले के मुकाबले के लिए ब्रिटेन, सोवियत संघ और अमरीका एक हो गए। सोवियत संघ पर हमले के फौरन बाद चर्चिल और रूजवेल्ट ने उसे क्रमशः ब्रिटेन और अमरीका के समर्थन की घोषणा की और उसे सहायता देने
का वादा भी किया। इसके बाद सोवियत संघ और ब्रिटेन के बीच तथा सोवियत संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच समझौते हुए। यही वह एकता थी जिसके कारण जर्मनी, इटली और जापान को आखिरकार हराया जा सका।

प्रश्न 6. हिटलर का उत्थान किन नीतियों एवं उपायों के कारण हुआ विवेचना करें।
उत्तर- हिटलर ने 1921 ई० में नाजी पार्टी की स्थापना की। इसका उत्थान निम्नांकित नीतियों एवं उपायों के कारण हुआ-

(क) नाजी पार्टी के कार्यकताओं को लेकर उसने जर्मनी की राजधानी बर्लिन की ओर एक अभियान आयोजित कर सत्ता हथियाने की योजना बनाई। उसे असफलता मिली। जेल के दौरान उसने अपनी पुस्तक 'मेरा संघर्ष' लिखी।

(ख) हिटलर ने खुलेआम बल प्रयोग और बर्बरतापूर्ण व्यवहार तथा महान नेता द्वारा शासन की महिमा का गुणगान किया और अंतर्राष्ट्रीय, शान्ति और लोकतंत्र का माखौल उड़ाया।

(ग) यहूदियों के प्रति घृणा का प्रचार किया तथा युद्ध का गुणगान किया।

(घ) वार्साय की संधि के कारण लोगों में व्याप्त बदला लेने तथा अपमान की भावना का लाभ उठाया।

(ङ) हिटलर ने 1932 ई० के चुनाव में भाग लिया। उसमें उसे असफलता मिली, तो वह राजनीतिक षड्यंत्र रचने लगा। जर्मनी के राष्ट्रपति ने उसे 30 जनवरी, 1933 को चांसलर नियुक्त किया।

(च) आतंक का राज्य स्थापित किया। नाजी विरोधी नेताओं की हत्या बड़े पैमाने पर कराई गई। चुनाव में विफल रहने पर हिटलर ने तानाशाही अधिकार ग्रहण कर लिया और चांसलर के साथ-साथ राष्ट्रपति भी बन गया।

प्रश्न 7. जर्मनी में नाजीवाद के उदय के कारणों की चर्चा करें।
उत्तर- जर्मनी में नाजीवाद के उदय के कारण-

(क) वर्साय की अपमानजनक संधि- जर्मनी के कई उपनिवेशों, जहाजी बेड़ों, सैन्य दलों को इस संधि के अधीन लगभग समाप्त कर दिया गया। इस संधि के प्रावधान कठोर एवं अपमानजनक थे। अतः लोगों ने नाजीवाद में अपने भावों की अभिव्यक्ति पाई।

(ख) 1929 का आर्थिक संकट- 1929 ई० में, यूरोप आर्थिक संकट की चपेट में आ गया। जर्मनी भी इससे अछूता नहीं रह पाया। यहाँ असंख्य सैनिक व श्रमिक बेकार हो गए। भुखमरी की नौबत आ गई। जर्मन गणतंत्र व वहाँ की सरकार इन समस्याओं को हल करने में असमर्थ रही। अतः मध्य श्रेणी
और छोटी श्रेणी के लोग व्यापारी, कारीगर, श्रमिक, किसान आदि सभी नाजीवाद के प्रति आकृष्ट हुए।

(ग) पूँजीपतियों द्वारा प्रोत्साहन- हिटलर साम्यवाद का प्रबल विरोधी था । वह उदारवाद, समाजवाद और साम्यवाद को जड़ से उखाड़ फेंकना चाहता था। अतः पूँजीपतियों ने नाजीवाद को प्रोत्साहन दिया क्योंकि वह उनके हितों की सुरक्षा करता था। कई उद्योगपति, भूमि के मालिक और सैनिक
अधिकारियों ने नाजीवाद को प्रोत्साहन किया।

(घ) यहूदी जाति के लिए घृणा- हिटलर जर्मनी से यहूदी लोगों का बिल्कुल निष्कासन करने के पक्ष में था, क्योंकि वे ही जर्मनी के 'आर्थिक कष्टों का कारण समझे जाते थे। संपूर्ण जर्मन लोगों की भावनाएँ हिटलर को अपने अभियान में सफलता प्राप्त करने में सहायक सिद्ध हुई।

(ङ) हिटलर के व्यक्तित्व का प्रभाव - नाजीवाद के उदय में हिटलर का प्रभावशाली एवं शक्तिशाली व्यक्तित्व महत्त्वपूर्ण था। उसके भाषण लोगों को मंत्रमुग्ध कर देते थे। लोग उनका अंधानुकरण करने लगे थे। इस कारण भी नाजीवाद पनपा और फैला।

(च) एकता का अभाव- समाजवादी और साम्यवादी दल के नेताओं में एकता का अभाव ने भी नाजीवाद को प्रोत्साहन दिया।

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