NCERT Class 8 Hindi Chapter 10 कामचोर

 NCERT Class 8 Hindi Chapter 10 कामचोर

NCERT Solutions for Class 8 Hindi Vasant Chapter 10 कामचोर

प्रश्न-अभ्यास
(पाठ्यपुस्तक से)

पाठ का सार

घर में काम करने की आदत नहीं थी। सारा काम नौकरों के भरोसे था। घर के लोग ऊधम मचाने के सिवा कुछ नहीं करते थे। इस निकम्मेपन से छुटकारा पाने के लिए तय हुआ कि सारे नौकरों को निकाल दिया जाए। खुद पानी पीने के चक्कर में मटके और सुराहियाँ इधर-उधर लुढ़कने लगे। तय हुआ, जो काम नहीं करेगा उसे रात का खाना नहीं मिलेगा। काम थे-मैली दरी की सफाई, आँगन में पड़े कूड़े की सफाई, पेड़ों में पानी देना। तनख्वाह भी दी जाएगी। बच्चे काम में जुट गए। बहुत से बच्चों ने लकड़ियों से दरी को पीटना शुरू कर दिया। घर में धूल फैल गई। सब जगह धूल ही धूल । खाँसते-खाँसते बुरा हाल हो गया। आँगन में फौरन झाडू लगाई गई। झाडू एक थी। काम करने वाले अनेक। खींचतान में झाडू के पुर्जे उड़ गए। झाडू मारने से पहले पानी छिड़कना ठीक होगा। यह सोचकर दरी पर पानी छिड़क दिया गया। दरी की धूल कीचड़ बन गई।

आँगन से निकालने पर बच्चे घर की बालटियाँ, लोटे, तसले, भगोने आदि बर्तन लेकर पेड़ों को पानी देने के लिए निकले। नल पर घमासान युद्ध मच गया। किसी के बर्तन में एक बूंद पानी नहीं पहुँचा। घर के बड़े लोग निकले तो बच्चों की फौज भाग गई। इसके बाद बच्चों ने वाँस-छड़ी जो मिला, लेकर मुर्गियों को बाड़े में हाँकने लगे। वे भी इधर-उधर भागने लगीं। कुछ खीर के प्यालों के ऊपर से गुज़रीं । मुर्गा अम्मा के पानदान में कूदा और फिर अम्मा की चादर पर निशान छोड़े। एक मुर्गी दाल की पतीली में छपाक मारकर भागी। कुछ ने भेड़ों को दाना खिलाने की सोची तो भेड़ों ने भी अपनी भेड़चाल से सबको परेशान किया। सोती हुई हज्जन माँ के ऊपर से भेड़ें दौड़ गईं। कुछ सूप छोड़कर तरकारी वाली टोकरी पर टूट पड़ीं। छिलके समेत तरकारी साफ़ हो गई।

कुछ बच्चे धमकी के डर से कुछ काम न मिलने पर बालटी लेकर भैंसों को दुहने चल पड़े। थनों पर हाथ लगते ही भैंसें ‘बिदककर दूर जा खड़ी हुईं। फिर पैर बाँधने का उपाय ढूँढा गया। पिछले पैर चाचा जी की चार पाई से बाँधे। अगले पैर झुले की रस्सी से। भैंस छूटकर भागी और चारपाई को भी-साथ लेकर दौड़ पड़ी। चाचा जी भूचाल समझकर चारपाई से चिपके थे। बछड़ा न खोलने की भूल मालूम हुई। उसे भी खोल दिया गया तो भैंस रुकी। बालटी पहले ही गोबर में गिर चुकी थी।

तूफान जैसा हाल पूरे घर का हो गया था। अम्मा आगरा जाने के लिए सामान बाँधने लगीं। उन्होंने बच्चों के इस राज को चुनौती दी। अब्बा ने सबको कतार में खड़े करके कुछ भी करने से मना कर दिया। ‘किसी चीज़ को हाथ लगाया तो खाना बन्द’ । फिर पहले जैसा हाल हो गया। कोई हिलकर पानी भी नहीं पिएगा।

कहानी से

प्रश्न 1. कहानी में मोटे-मोटे किस काम के हैं? किन के बारे में और क्यों कहा गया?
उत्तर :
कहानी में ‘मोटे-मोटे किस काम के हैं’- उन बच्चों के लिए कहा गया है जो कुछ भी काम नहीं करते थे और आलसी तथा कामचोर हो गए थेऐसा इसलिए कहा गया है कि वे काम को हाथ लगाना तो दूर उठकर पानी भी नहीं पीते थेउनका हर काम नौकरों के भरोसे थास्वयं कोई काम नहीं करना चाहते थेबस खा-खाकर मोटे हो रहे थे

प्रश्न 2. बच्चों के ऊधम मचाने के कारण घर की क्या दुर्दशा हुई?
उत्तर :
बच्चे यूँ तो कोई काम करना ही नहीं चाहते थे, पर तनख्वाह की लालच में उन्होंने काम करने की जगह इतना सामान और काम फैला दिया कि ऐसा लगने लगा जैसे तूफान आ गया थाउनके ऊधम मचाने से घर की निम्नलिखित दशा हुई
(क) घर में धूल और कीचड़ चारों ओर फैल गया?
(ख) झाड़ टूट चुकी थी और केवल उसकी सीकें बची थीं
(ग) घर के बर्तन-भगोने, बाल्टी, तसले, लोटे, कटोरे सब इधर-उधर फैले थे।
(घ) घर में भेड़ें और मुर्गियाँ इधर-उधर घूम रहीं थीं।
(ङ) दाल, चादर, दुपट्टे, दूध, झाड़, सब्जियों आदि का नुकसान हुआ था।

प्रश्न 3. “या तो बच्चा राज कायम कर लो या मुझे ही रख लो।” अम्मा ने कब कहा? और इसका परिणाम क्या हुआ?
उत्तर :
“या तो मुझे रख लो या बच्चा राज कायम कर लो” यह बात अम्मा ने उस समय कही थी जब बच्चों ने तनख्वाह की लालच में काम करने की ठान ली, पर उन्होंने काम के नाम पर इतनी अव्यवस्था फैला दी कि ऐसा लगने लगा जैसे घर में तूफान आ गया थाइसका परिणाम यह हुआ कि
(क) अम्मा ने कह दिया कि या तो बच्चे काम कर लें या उन्हें काम करने दिया जाए
(ख) वे अपने मायके आगरा जाने की धमकी देने लगी
(ग) अब्बा ने उन बच्चों को पुन: किसी काम को हाथ न लगाने की चेतावनी दे दी

प्रश्न 4. ‘कामचोर’ कहानी क्या संदेश देती है?
उत्तर :
‘कामचोर’ कहानी हमें यह संदेश देती है कि बच्चों को पूरी तरह नौकरों के भरोसे न छोड़ेबच्चों को बचपन से ही छोटे-छोटे काम करने को प्रेरित करना चाहिएउन्हें काम तथा श्रम की महत्ता बताना चाहिएकाम में उनकी रुचि पैदा की जानी चाहिए ताकि बच्चे कामचोर, आलसी एवं माँ-बाप के लिए बोझ न बनें।

प्रश्न 5. क्या बच्चों ने उचित निर्णय लिया कि अब चाहे कुछ भी हो जाए, हिलकर पानी भी नहीं पिएँगे
उत्तर :
कहानी के अंत में बच्चों ने काम न करने को जो निर्णय लिया उसे किसी दशा में उचित नहीं कहा जा सकता हैऐसा करने से वे कोई काम नहीं सीख पाएँगेवे उनमें आलस्य, कामचोरी, तथा निकम्मेपन की प्रवृत्ति बढ़ती जाएगीऐसे में एक दिन माँ-बाप, परिवार, समाज और देश पर बोझ बन जाएँगेउन्हें कोई देखना भी नहीं चाहेगा।

कहानी से आगे

प्रश्न 1. घर के सामान्य काम हों या अपना निजी काम, प्रत्येक व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुरूप उन्हें करना आवश्यक क्यों है?
उत्तर :
घर के सामन्य कामकाज हों या अपना निजी काम प्रत्येक व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार करना चाहिए क्योंकि
(क) इस प्रकार किया गया काम सही और सुचारु ढंग से पूरा होता है
(ख) घर के सदस्यों के बीच किसी प्रकार का मनमुटाव नहीं रह जाता कि ‘वह’ व्यक्ति काम नहीं कर रहा है तो मैं ही क्यों करूं
(ग) घर के व्यक्तियों को काम करता देख छोटे बच्चों में भी काम करने की आदत स्वयमेव विकसित हो जाती हैवे कामचोरी का आलस्यपने की प्रवृत्ति से बच जाते हैं
(घ) व्यक्ति का स्वास्थ्य ठीक रहता है तथा घर का वातावरण भी सुखद बन जाता है

प्रश्न 2. भरा-पूरा परिवार कैसे सुखद बन सकता है और कैसे दुखद? कामचोर कहानी के आधार पर निर्णय कीजिए
उत्तर :
भरा-पूरा परिवार निम्नलिखित स्थितियों में सुखद बन सकता है घर का प्रत्येक सदस्य बिना बोझ समझे मन लगाकर काम करे काम को पूरी तरह निष्ठा तथा ईमानदारी से करे यदि उसका काम अन्य सदस्यों से अधिक है तो उसकी तुलना कम काम करने वाले व्यक्ति से बिल्कुल भी न करेइसके अलावा कामचोर कहानी के आधार पर यह भी कह सकते हैं कि बच्चों में शुरू से ही काम करने की आदत पैदा करनी चाहिए अन्यथा उन पर अचानक जिम्मेदारी डालने से वे काम को सही तरीके से नहीं करेंगेउनको शुरू से ही अपने साथ काम पर लगाकर घर को सुखद बनाया जा सकता हैभरा-पूरा परिवार दुखद तब बन सकता है; जबघर के सदस्य कार्य करने में आना-कानी करें वे काम से जी चुराएँप्रलोभन आदि के बल पर काम कराना भी चाहें तो वे काम को गलत ढंग से करने का प्रयास करते हुए काम को और खराब कर देंअपना काम भी न करते हुए हर काम के लिए नौकरों पर निर्भर रहने से घर दुखद बन जाता है।

प्रश्न 3. बड़े होते बच्चे किस प्रकार माता-पिता के सहयोगी हो सकते हैं और किस प्रकार भार? कामचोर कहानी के आधार पर अपने विचार व्यक्त कीजिए
उत्तर :
‘कामचोर’ कहानी के आधार पर पता चलता है कि बड़े होते बच्चे माता-पिता के काम में सहयोगी बन सकते हैं यदि वे स्वेच्छा से उनके कार्यों में हाथ बटाएँअपने हिस्से के काम के प्रति उत्तरदायी हों तथा काम को पूरी जिम्मेदारी से निभाएँ।

बड़े होते बच्चे माता-पिता पर भार तब हो सकते हैं जब वे प्रत्येक काम के लिए माँ-बाप पर निर्भर रहें। ‘कामचोर’ कहानी में बच्चे हिलकर अपनेआप पानी भी नहीं पीते थे। वे प्रत्येक काम के लिए नौकरों पर निर्भर थे। वे आलसी तथा निकम्मे बन गए थे। उनमें बचपन से काम करने की आदत नहीं डाली गई। वे खा-खाकर मोटे हो गए थे और परिवार के लिए भार बन गए थे।

प्रश्न 4. ‘कामचोर’ कहानी एकल परिवार की कहानी है या संयुक्त परिवार की? इन दोनों तरह के परिवारों में क्या-क्या अंतर होते हैं?
उत्तर :
‘कामचोर’ कहानी संयुक्त परिवार की कहानी है। बच्चों ने जब तनख्वाह की लालच में काम को हाथ लगाया तो उनके द्वारा अव्यवस्थित तरीके से किए गए कार्यों से माता-पिता के अलावा हज्जन माँ, बानी दीदी, मौसी, बड़ी दीदी, मुगलानी बुआ, चाचा जी भी किसी-न-किसी रूप में प्रभावित हुए। इससे पता लगता है कि ये लोग भी परिवार में साथ-साथ ही रहते थे जो संयुक्त परिवार की पहचान है। इस तरह के दोनों परिवारों में निम्नलिखित अंतर होते हैं
(क) एकल परिवार में बच्चों के साथ उनके माता-पिता ही रहते हैं जबकि संयुक्त परिवार में माता-पिता के अलावा चाचा-चाची, दादा-दादी, बुआ, मौसी तथा उनके बच्चे भी साथ ही रहते हैं।
(ख) आजकल की व्यस्त दिनचर्या में बच्चों को एकल परिवार में माता-पिता का प्यार कम मिल पाता है, जबकि संयुक्त परिवार में घर के अन्य सदस्य यह कमी पूरी कर देते हैं।
(ग) एकल परिवार में माता-पिता के काम पर चले जाने पर बच्चे अकेले रह जाते हैं तथा स्वयं को असुरक्षित महसूस करते हैं जबकि संयुक्त परिवार में वे अकेले नहीं रहते हैं।
(घ) एकल परिवार के बच्चों में समाजीकरण नहीं हो पाता जबकि संयुक्त परिवार में बच्चे अन्य सदस्यों के बीच इसे सीख जाते हैं तथा वे दादी-नानी द्वारा सुनाई कहानियों की सीख ग्रहण कर बेहतर नागरिक बनते हैं।

वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
तरकारी वाली तोल-तोल कर रसोइए को क्या दे रही थी ?
(क) भिण्डी
(ख) लौकी
(ग) प्याज
(घ) मटर की फलियाँ
उत्तर:
(घ) मटर की फलियाँ

प्रश्न 2.
पेड़ों में पानी देने के लिए निम्नलिखित बर्तन नहीं लिया गया-
(क) तसला
(ख) जग
(ग) भगोना
(घ) लोटा
उत्तर:
(ख) जग

प्रश्न 3.
एक बड़ा-सा मुर्गा कूद पड़ा, कहाँ ?
(क) खीर के प्याले में
(ख) पतीली में
(ग) अम्मा के पानदान में
(घ) तसले में
उत्तर:
(ग) अम्मा के पानदान में

प्रश्न 4.
मैंस का दूध दुहने के लिए कितने बच्चे पिल पड़े ?
(क) तीन
(ख) चार
(ग) दो
(घ) आठ
उत्तर:
(ख) चार

प्रश्न 5.
ये लोग कुमुक में नहीं थे-
(क) बड़े भाई
(ख) मौसियाँ
(ग) बहिनें
(घ) चाचा
उत्तर:
(घ) चाचा

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